38 लाख रुपये हड़पने वाले के खिलाप मामला दर्ज

 

जबलपुर:व्यापार में पैसे लगाने को कहते हुए धोखाधड़ी कर 38 लाख रुपये हड़पने वाले के खिलाप पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच सुरु कर दी है,

ये है पूरा मामला

मामला संजीवनी नगर थाना क्षेत्र का है पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक  नारायण चक्रवर्ती उम्र 47 वर्ष निवासी रामेश्वरम कालोनी विजय नगर ने शिकायत की कि वर्ष 2017 मे उसके मित्र गोपाल गुप्ता के माध्यम से जोधपुर निवासी भानू प्रताप सिंह से उसका परिचय हुआ था जिन्होने बताया था कि नारायण भाई एक व्यवसाय आरम्भ कर रहे है इसमे आप पैसा लगाओ बहुत अच्छा लाभ है तथा प्रमाण के रूप में जोधपुर एवं रायपुर स्थित अपने गोदाम का भ्रमण कराया एवं अपने साथी महेन्द्र सिंह एवं कर्णनी से मिलवाया, तीनों ने बताया कि इलेक्ट्रानिक एवं अन्य घरेलू विदेशी उपकरण जो विदेशों से शिप के माध्यम से देश मे आते है, उन्हे नीलामी में एकट्ठे खरीद लेते हैं, तत्पश्चात अनेक शहरों में व्यापारियों को बेच देते है जिससे भारी मुनाफा होता है, यदि आप भी हमारे साथ लगात लगाते हो तो हम सब अधिक मुनाफा कमा सकते हैं उन्होने उसे बताया कि इलेक्ट्रानिक सामान की एक कम्पनी बनाई है, वह कम्पनी उसके भाई महेन्द्र प्रताप सिंह की है, इसी कम्पनी में सांग्या जी इंटरप्राईजेज के नाम पर हम लोग व्यवसाय करेंगे, वह उनकी बातों में आ गया और भानू प्रताप सिंह के कहने पर अपने एकाउंट से आर.टी.जी.एस. के माध्यम से दिनाॅक 26-12-17 को महेन्द्र प्रताप सिंह निवासी गांधीपुरा बी.आइ्र्र.एस. कालोनी जोधपुर राजस्थान के बैंक एकाउंट में अपने संजीवनी नगर स्थित महाराष्ट बैंक एकाउंट के चैक से 15 लाख रूपये भेजे थे इसी तरह दिनाॅक 2-1-18 को गढा स्थित उसके मित्र के कार्यलय में भानू प्रताप सिंह ने उसके साथी अमित सिंह राजपूत एवं सुरेन्द्र चक्रवर्ती के समक्ष उससे रूपयों की मांग की, एवं कहा कि सांग्या जी इंटरप्राईजेज के द्वारा किसी व्यक्ति को तत्काल भुगतान करना है आज ही 23 लाख रूपयों की आवश्यकता है, तब उसने अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों से उधार लेकर भानू प्रताप को 23 लाख रूपये दिये, । कर्णनी सिंह ने दिनाॅक 28-3-19 को 10 लाख रूपये स्टेट बैक यादव कालोनी शाखा से एवं 15 लाख रूपये बैंक ऑफ महाराष्ट्र संजीवनी नगर शाखा से अपने कलेक्ट्रेट जोधपुर स्थित बैंक आफ इंडिया में आर.टी.जी.एस. के माध्यम से कुल 25 लाख रूपये ट्रांसफर करा लिये ततसम्बंध में उसे बाद मे ज्ञात हुआ कि उसके साथ छल किया गया है उसे न ही कोई लाभ नहीं दिया और न ही उसका मूलधन ही वापस कर रहे है। फोन रिसीव करना भी बंद कर दिये है वाट्सअप पर पैसे लौटा दिये जायेंगे का आश्वासन देते है।
महेन्द्र प्रताप सिंह भाटी जो कि सांग्याजी इंटरप्राईजेज जोधपुर एवं रायपुर में अपनी कम्पनी का संचालक करता है का मालिक है, उसने भानू प्रताप सिंह राठौर को 23 लाख नगद, महेन्द्र प्रताप ंिसह भाटी को चैक के माध्यम से 15 लाख एवं कर्णनी सिंह को चैक के माध्यम से 25 लाख रूपये सांग्या इंटरप्राईजेज जोधपुर को दिये थे।शिकायत जांच के दौरान महेन्द्र प्रताप ,भानू प्रताप ंिसह एवं कर्णनी ंिसह को नोटिस दिया गया, जिस पर कर्णनी सिंह ने 25 लाख रूपये वापस कर दिये, महेन्द्र प्रताप एवं भानू प्रताप सिंह द्वारा 38 लाख रूपये नहीं किये गये है, न ही कम्पनी के लाभ हानि की कोई जानकारी दी गयी है।शिकायत पर महेन्द्र प्रताप सिंह भाटी एवं भानू प्रताप सिंह राठौर के विरूद्ध धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं ।

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