इस व्रत को करने से मां लक्ष्मी की मिलती है कृपा,होता है समस्याओं का समाधान 

 

ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार—–वैभव लक्ष्मी व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक बेहद शुभ और पुण्यदायी व्रत माना जाता है**। कहा जाता है जो कोई भी महिला विधि पूर्वक इस व्रत को करती है उनके घर में हमेशा सुख, संपन्नता बनी रहती है। साथ ही ऐसे लोगों के कोई भी काम रुकते या बिगड़ते नहीं हैं। जिन लोगों के व्यापार में लगातार हानि हो रही हो, लाख जाने के बाद भी नौकरी में प्रमोशन का योग नहीं बन रहा हो या क़र्ज़ आदि की समस्या हो उन्हें भी वैभव लक्ष्मी का व्रत करने की सलाह दी जाती है। इस व्रत को करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

वैभव लक्ष्मी व्रत के नियम
वैभव लक्ष्मी व्रत के बारे में कहा जाता है कि, इस शुभ व्रत को यूं तो कोई भी कर सकता है। हालांकि सुहागिन महिलाएं इसे करें तो उसे सबसे ज्यादा लाभकारी माना गया है। इस व्रत से संबंधित एक महत्वपूर्ण नियम के अनुसार कहा जाता है कि यह व्रत नियमित रूप से 11 या 21 शुक्रवार तक किया जाना चाहिए। इसके अलावा व्रत के दिन मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जानी चाहिए और इस दिन किसी भी तरह का छल कपट क्रोध आदि करने से बचना चाहिए।

वैभव लक्ष्मी व्रत की पूजन विधि
इस दिन की पूजा में मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर लें जिससे मां लक्ष्मी के हाथ से धन गिर रहा हो।
इसके अलावा यदि आपको पैसे से संबंधित समस्याएं है या फिर आपके पास पैसे बचते नहीं है तो इस दिन मां लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर का इस्तेमाल करें जिसमें माँ लक्ष्मी खड़ी हों और उनके हाथ से धन गिर रहा हो।
पूजा प्रारंभ करें और मां के समक्ष दीपक जलाएं। दीपक शुद्ध घी का ही जलाएं।
इसके बाद पूजा में मां लक्ष्मी को इत्र और सुहाग का सामान अर्पित करें।
यदि आपकी किन्हीं भी कारणवश मां लक्ष्मी की हर रोज पूजा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम शुक्रवार के दिन तो मां लक्ष्मी की व्रत कथा और पाठ अवश्य करें।
इसके बाद व्रत के उद्यापन के लिए अपनी अपनी यथा शक्ति के अनुसार सात, 11 या फिर 21 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर सम्मान सहित भोजन कराएं।
इसके अलावा उन कन्याओं को व्रत की पुस्तक के साथ श्रृंगार के सामान भेंट करें।
मां लक्ष्मी को खीर बेहद प्रिय है। ऐसे में उद्यापन के दिन भी और हर व्रत के दिन भी मां लक्ष्मी को शुद्ध खीर का भोग लगाना ना भूले। ऐसा करने से आपकी मनोकामना शीघ्र ही और अवश्य पूरी होगी।

मेरे बताएं यह उपाय हर किसी के ऊपर लागू नहीं होते हैं सबसे पहले कुंडली का निरीक्षण कर ले और जब आपकी कुंडली अनुकूल हो तो ही मेरे बताएं उपाय आप अपनाएं **लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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