खितौला में हुई अंधी हत्या का खुलासा,सड़क पर पटक कर बेरहमी से चाकू मारकर कर दी थी हत्या 

 

जबलपुर :खितौला में हुई अंधी हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,आरोपियों ने बहन को भगा कर ले जाने मे दोस्त का सहयोग करने के शक पर 2 सगे भाईयों ने अपने चचेरे एवं ममेरे भाई के साथ मिलकर की थी हत्या, चारों आरोपी 24 घंटे के अंदर पुलिस गिरफ्त में, घटना में प्रयुक्त 2 मोटर सायकिल एवं चाकू भी जप्त की गई ,

ये है पूरा मामला,

 

थाना प्रभारी खितौला  जगोतिन मसराम ने बताया कि दिनाॅक 25-5-21 को ग्राम सिमरिया रोड किनारे उडद के खेत में एक युवक के मृत पडे होने की सूचना पर तत्काल हमराह स्टाफ को लेकर पहुंची, जहाॅ बंसत कुमरार चैधरी उम्र 52 वर्ष निवासी बघेली सिहोरा ने बताया कि उसका दूसरे नम्बर का बेटा अजीत कुमार चैधरी उम्र 22 वर्ष जिसकी शादी दिनाॅक 21-5-21 को हुई है आज दोपहर 12 खाना खाकर गाॅव मे निकला था दोपहर लगभग 3 बजे उसे पता चला कि अजीत ग्राम सिमरिया में रोड किनारे उड़द के खेत में मृत अवस्था मे पड़ा है, तुरंत पहुंच कर देखा बेटे के जांघ के पास चोट का निशान है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के निर्देश पर एस.डी.ओ.पी. सिहोरा  श्रुत कीर्ति सोमवंशी (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  शिवेश सिंह बघेल मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों एवं सूचना पर पहुंची एफ.एस.एल. टीम की उपस्थति में पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है।
मर्ग जांच के दौरान पाया गया कि अंगद चैधरी, विनोद चैधरी एवं आनंद यादव दिनाॅक 25-5-21 को अजीत चैधरी के साथ गाॅव के पास तालाब किनारे बैठे थे जिन्होंने पूछताछ पर बताया कि दोपहर 12-30 बजे ग्राम बघेली निवासी अभिषेक यादव का फोन अजीत के पास आया , फोन पर बात करने के बाद अजीत ने बताया कि अभिषेक यादव का फोन आया था कोई मिलने आये है मुझे जाना है, थोडी देर बाद एक मोटर सायकिल से तालाब के दूसरे तरफ मोटर सायकिल पर 2 लोग गाॅव के अभिषेक यादव के साथ आये जिनकी तरफ अजीत चला गया, कुछ ही देर मे ंअभिषेक यादव वहाॅ से पैदल चला गया तथा अजीत चैधरी मोटर सायकिल मेें दो लोगेा के साथ बैठकर चला गया थां ।

ऐसे खुला राज 

वहीँ बघेली निवासी अभिषेक यादव ने पूछताछ पर बताया कि दोपहर 12-30 बजे कटियाघाट बरेला निवासी उसके जीजा का छोटा भाई रमन यादव अपने चचेरे प्रदीप यादव के साथ उसके घर आया, जो बोला कि अजीत कुमार चैधरी से मिलना है, तो उसने अजीत को मोबाईल पर फोन कर बताया कि रमन यादव एवं प्रदीप यादव मिलने आये है तो अजीत ने बताया कि मै तालाब के पास बेैठा हूॅ यहाॅ ले आओ, तो वह दोनेा के साथ मोटर सायकिल मे बैठकर तालाब किनारे पहुचा, जहां पहुचकर रमन और प्रदीप, अजीत चैधरी से बात करने लगे उसी समय वहां सिलवर रंग की होण्डा साइन मोटर सायकल से कालीचरण यादव (रमन का बड़ा भाई) ममेरे भाई चिंटू यादव के साथ आया, रमन ने उसे घर जाने को कहा तो वह अपने घर चला गया।
प्राप्त पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा मारपीट के कारण सिर में अंदरूनी चोट आने से मृत्यु होना लेख किये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।प्रकरण के संदेही रमन यादव, प्रदीप यादव, कालीचरण यादव, एवं चिंटू यादव की गठित टीम के द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही था दौरान तलाश के आज दिनांक 26.05.21 को विश्वसनीय मुखबिर से संदेही रमन यादव, प्रदीप यादव एवं कालीचरण यादव अपने रिश्तेदार शिवकुमार यादव के घर ग्राम कोहनी थाना बरगी में एवं चिंटू यादव के कटियाघाट बरेला में छिपे होने की सूचना पर गठित टीम द्वारा घेराबंदी कर दबिश देते हुये रमन यादव, प्रदीप यादव एवं कालीचरण तथा चिन्टू यादव को उसके घर कटियाघाट थाना बरेला से पकडा गया। सभी को थाने लाकर सघन पूछताछ की गयी ।पूछताछ पर पाया गया कि ग्राम बघेली के अर्जुन यादव का अजीत चैधरी दोस्त है दोनों कटियाघाट साथ मे आते जाते थे, 2-3 दिन पहले रमन यादव की 19 वर्षिय बहन को ग्राम बघेली का अर्जुन यादव भगा कर ले गया था रमन यादव को शक था कि अजीत चैधरी ने बहन को भगाने में अर्जुन यादव की मदद की है। अर्जुन यादव कहाॅ है अजीत को पता होगा जिस कारण दिनांक 25.05.21 को रमन यादव, प्रदीप यादव, कालीचरण यादव एवं चिन्टू उर्फ कृष्णा यादव एक राय होकर अर्जुन यादव को मारने के लिये बघेली गांव पंहुचे, रमन ने अपने पास एक चाकू रखा था, एक मोटर सायकिल में रमन एवं प्रदीप यादव तथा दूसरी मोटर सायकिल में कालीचरण यादव व चिन्टू यादव थे। पहले चारों अर्जुन यादव के घर पहुचे, जहां अर्जुन नहीं मिला, तब गांव के ही अभिषेक यादव को जो रिश्ते मे साला लगता है, से अर्जुन यादव और अजीत चैधरी की जानकरी ली तथा अभिषेक यादव के मोबाईल से अजीत चैधरी को फोन लगवाया अजीत ने उन्हें तालाब किनारे आम के पेड़ के पास बुलाया तो चारों तालाब के किनारे पहुंचे, एवं रमन ने अजीत को सिहोरा चलने को कहा, और अपनी मोटर सायकल मे बैठाकर गांव से सभी लोग बाहर आ गये, आलासूर, सिमरिया गांव के बीच सुनसान जगह देखकर रमन यादव व कालीचरण यादव ने मोटर सायकिल रोकी तथा अजीत चैधरी से अर्जुन यादव के सम्बंध मे पूछा, अजीत चैधरी ने इंकार किया तो चारों ने एक राय होकर अजीत को उठाकर रोड पर पटक दिया, सिर में चोट आने से अजीत रोड पर छटपटाने लगा तो कालीचरण, प्रदीप और चिन्टू ने अजीत चैधरी को पकड़ लिया, तथा रमन ने अपने पास रखे चाकू से जान से मारने की नियत से दो वार जांघ में किये, चारों अजीत को उठाकर उरदा के खेत मे फेक कर भाग गये, चारों अपने घर कटिया घाट पहुंचे जहॅा चिन्टू को चाकू देकर कालीचरण, रमन एवं प्रदीप यादव वहां से बरगी भाग गये थे। आरोपियों की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त हीरो कंपनी की स्पलेन्डर प्लस मोटर सायकल क्र0 एमपी 20 एनएच 5436 एवं होण्डा सीबी साइन मोटर सायकल क्र0 एमपी 20 एम एस 5849 तथा चाकू जप्त करते हुये प्रकरण में चारों आरोपी1-रमन पिता जम्मन यादव उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम कटिया घाट थाना बरेला, 2-प्रदीप यादव पिता अशोक यादव उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम सिहोरा थाना बरेला ,3- कालीचरण यादव पिता जम्मन यादव उम्र 27 वर्ष निवासी कटियाघाट थाना बरेला , 4-चिन्टू उर्फ कृष्णा यादव पिता अर्जुन यादव उम्र 19 वर्ष निवासी कटियाघाट थाना बरेला को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 27.05.21 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जावेगा।

*उल्लेखनीय भूमिका* – अंधी हत्या का खुलासा कर चारों आरोपियों को 24 घंटे के अंदर पकड़ने में थाना प्रभारी खितौला  जगोतिन मसराम, थाना प्रभारी सिहोरा  गिरीश धुर्वे, उप निरीक्षक के.पी. दुबे, रविन कन्नौज, प्रधान आरक्षक रामा सिंह, आरक्षक अमित रैकवार, अखिलेश चर्तुवेदी, मेराजुद्दीन खान, रमेश रैदास, नीरज चैरसिया (एसडीओपी कार्यालय) तथा क्राईम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक राम सनेह शर्मा, प्रधान आरक्षक हरिशंकर गुप्ता, मुकेश परिहार, आरक्षक राजेश केवट, अजीत पटेल, अनिल शर्मा, सायबर सेल से आदित्य कुमार की उल्लेखनीय भूमिका रही।

 

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