पहले कराया भूमिपूजन व बोरवेल खनन कार्य, अब शासकीय भूमि न होने का हवाला देकर रोक दिए नलजल योजना का कार्य



कटनी/स्लीमनाबाद(सुग्रीव यादव):ग्रामीण अंचलों मैं हर घरो तक स्वच्छ पेयजल पहुँचे।इसके लिए केंद्र सरकार के द्वारा जल जीवन मिशन अभियान चलाया जा रहा है।अभियान की जिम्मेदारी संभालने वाले लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा धरातल पर अभियान को क्रियान्वित करने बेपरवाही बरती जा रही है।ताजा मामला स्लीमनाबाद तहसील की ग्राम पंचायत धरवारा का सामने आया है।जहां जन जीवन मिशन अभियान के तहत 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत राशि से नलजल योजना कार्य की स्वीकृति मिली।इसके लिए खसरा नम्बर 552 भूमि स्थल चयन किया गया।28 अगस्त को बड़वारा विधायक विजय राघवेंद्र सिंह के द्वारा नलजल योजना का भूमिपूजन कराया गया और 30 अगस्त को बोरवेल खनन कराया गया जो सफल हुआ।लेकिन भूमिपूजन के 20 दिनों से अधिक का समय बीत जाने के बाबजूद भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आगे कार्य शुरू नही कराया।जिसके चलते योजना मूर्तरूप नही ले पा रही है।

भूमि न होने का दिया जा रहा कारण-

नलजल योजना के इस पूरे मामले मे पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री एस एल कोरी की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे मैं आ गई है।क्योंकि जब पहले नलजल योजना के लिए शासकीय खसरा न.552 को चयन किया गया।फिर विधायक के हाथों भूमिपूजन कराया ।लेकिन अब शासकीय भूमि न होने की बात कही जा रही है।जिससे यह मामला राजनीति के फेर मैं उलझ गया है।
पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री इस बेपरवाही मैं विधायक विजय राघवेंद्र सिंह ने कलेक्टर के नाम पत्र लिखकर शीघ्र नलजल योजना का कार्य प्रारंभ कराने की बात कही है।
वही धरवारा सरपंच प्रेम बाई कोल ने नलजल योजना कार्य मैं लेटलतीफी पर सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस स्थल का चयन नलजल योजना के लिए हुआ था वहां न हो कही ओर इसके लिए सांसद प्रतिनिधि ने पत्राचार किया था।

इनका कहना है- एस एल कोरी कार्यपालन यंत्री पीएचई विभाग

ग्राम पंचायत धरवारा मैं जल जीवन मिशन के तहत 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत राशि से नलजल योजना का कार्य होना है।किन्ही कारणवश कार्य मैं लेटलतीफी हुई।अब 3 से 4 दिनों मैं नलजल योजना का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।

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