भृस्टाचार:बैहर में भृस्टाचार की भेंट चढ़ गया सामुदायिक भवन का फर्स ,दीवारों में आने लगीं दरारें

 

जबलपुर :सरकार द्वारा दावा किया जाता है की हम भृस्टाचार को जड़ से खत्म कर देंगे,भृस्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी बख्से नहीं जाएंगे लेकिन जबलपुर जिले की मंझोली जनपद की बैहर पँचायत में निर्माण कार्यों में भृस्टाचार चरम पर है ,जिसका ताजा उदाहरण बैहर कालोनी में बनाया गया आदिवादी सामुदायिक भवन का फर्स है ,जिसने बनने के पांच साल भी पूरे नहीं किये और उखड़ गया,ग्रामीणों की मानें तो यह पूरा मोहल्ला आदिवासी बाहुल्य है ,जिसमें लगभग 400 घर के गरीब आदिवासी निवास करते है,काफी समय से की गई मांग के बाद पँचायत द्वारा सामुदायिक भवन तो बनाया गया लेकिन सामुदायिक भवन के निर्माण में उपयोग की गई गुडवत्ता हीन सामग्री अब अपना असली रूप दिखाने लगी है,

12 लाख की लागत से बनाया गया था ,

वहीँ बताया जा रहा है की इस आदिवासी सामुदायिक भवन को पँचायत द्वारा 2017/18 में 12 लाख की लागत से बनाया गया था,लेकिन इस आदिवासी सामुदायिक भवन के फर्स के ढाई तीन साल में ही परखच्चे उड़ गए, इतना ही नहीं सामुदायिक भवन की दीवारों में भी हल्की हल्की दरारें दिखाई देने लगी है,ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाप कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की है ताकि भविष्य में जो भी निर्माण कार्य हो ईमानदारी से किये जायें,

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