भवसागर से पार लगाने के लिए भागवत ही एक सहारा,व्यास पंडित वेदांत महराज 

 

जबलपुर/कटंगी:कटंगी के समीप कुसली ग्राम में विगत 25 फ रवरी से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित वेदांत महाराज ने प्रवचन में कहा कि इस कलिकाल में मानव को भवसागर से पार लगाने के लिए भागवत ही एक सहारा है और केवल दान ही प्रधान है, कथा व्यास ने आगे कहा कि दान भी ऐसा होना चाहिए की एक हाथ से दो तो दूसरे हाथ को भी पता नहीं लगना चाहिए वही सही दान कहलाता है,

 

स्वर्गीय कृष्ण कुमार राजपूत की स्मृति में चल रही है, भागवत कथा के तृतीय दिवस प्रवचन पंडाल में काफ ी श्रद्धालुओं की भीड़ रही, कल 28 फ रवरी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा, उन्होंने आगे कहा कि सत्य ही परमात्मा है ओर सत्य के सहारे ही नर नारायण के समीप पहुंचा जा सकता है। असत्य बोलने से जीव के पुण्य क्षण होते है, यदि हमारा आचार विचार शुद्ध होगा तो कभी भी कलि हममें प्रवेश नहीं कर सकता।

कलियुग में केवल दान ही प्रधान है, जबकि सतयुग में धर्म के चार तत्व थे, त्रेता में सत्य चला गया, द्वापर में सत्य और तप न रहे और कलियुग में तो सत्य, तप और पवित्रता तीनों चले गए। जीव केवल दान देकर और प्रभु नाम जपकर ही अपने जीवन को दिव्य बना सकता है, उन्होंने कहा कि भोगमयी जीवन से ठाकुर दूर रहते हैं और शुद्ध हदय वालों में निवास करते हैं। इसी तरह से उन्होंने भागवत के अनेक प्रसंगों पर प्रकाश डाला।

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