इस बजह से अधोसंरचना विकास कार्य अधर में

जबलपुर/सिहोरा एवं मझौली विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक माध्यमिक एवं हाई स्कूल के अधोसंरचना विकास कार्य का फरमान तो जारी कर दिया गया लेकिन शैक्षणिक संस्थाओं को मिलने वाली आकस्मिक निधि विगत 1 वर्ष से ना आने के कारण अधोसंरचना विकास कार्य अधर में लटकती नजर आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कलेक्टर टीएल बैठक के हवाले से समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी विकासखंड स्रोत समन्वयक प्राचार्य हाई स्कूल एवं प्रधानाध्यापक प्राथमिक माध्यमिक शाला को तुगलकी फरमान जारी करते हुए दो दिवस में शाला के प्रत्येक कक्ष मैं दो दो पंखे एवं दो ट्यूबलाइट लगाए जाने आदेशित किया गया है
आला अधिकारी के आदेश के परिपालन में शिक्षक जी जान से तो जुट गए लेकिन अधोसंरचना विकास में व्यय होने वाली राशि के चलते उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विदित हो विगत बर्ष प्राथमिक माध्यमिक हाईस्कूल के बैंक खातों को बंद करने के आदेश के बाद शैक्षणिक संस्थाओं की आकस्मिक निधि मिलना बंद हो गया इसके बावजूद भी विभाग के आला अधिकारियों द्वारा चुनाव एवं उसके पूर्व जी अनेक कार्य हेतु संस्था प्रमुख को आदेशित किया जाता रहा रंगाई पुताई विद्युत पेयजल की समुचित व्यवस्था संस्था प्रमुख द्वारा उधार लेकर तो कर दी लेकिन लंबे समय से भुगतान ना हो पाने के कारण अब दुकानदार भी उधारी देने से कतरा रहे हैं
पिछला चुकाओ फिर होगी नई उधारी
नाम ना छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि दुकानदार आगे उधारी देना तैयार नहीं है जिसके चलते विद्युत तार पंखे ट्यूबलाइट क्रय करने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है वही इलेक्ट्रीशियन भी नगद भुगतान पर ही कार्य करने तैयार है।ऐसे मे अधोसंरचना विकास अधर मे लटकता नजर आ रहा है

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