सुंदरपुर में नाले की गंदगी से ग्रामीण परेसान,पीएम आवास में मुँहदेखी डाकघर की रास्ता दूर 

 

 

जबलपुर:एक तरफ तो सरकार स्वच्छता अभियान में करोड़ों नहीं बल्कि पानी की तरह पैसा बहा रही है,यहाँ तक की  सरकार ने ग्राम में साफ सफाई के लिए भी एक बजट तक निर्धारित कर दिया ताकि गांव भी स्वच्छ रहे और ग्रामीण स्वस्थ रहे ,लेकिन जबलपुर के पनागर जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुंदरपुर के बार्ड नंबर 3 व 6 के वासिंदे गंदगी भरे नाले से परेसान है, ग्रामीणों की मानें तो पँचायत द्वारा इस नाले की कभी भी सफाई नहीं करवाई जाती ,इतना ही नहीं इसके आसपास लगे छोटे नालों की भी यही स्तिथि है, नाला बजबजा रहा है, और ग्रामीणों को कई गम्भीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, हलाकि इस बात की जानकारी ग्राम सरपंच व सचिव को होते हुए भी आज तक इस बदबू मारते गंदे नाले की समस्या का समाधान नहीं किया गया,

बरसात में घरों में भर जाता है नाले का पानी

 

वहीँ स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी बताया की इस नाले का पानी बरसात में ओभरफ्लो होकर आसपास लगे घरों में भर जाता है, इस नाले की समस्या कोई आज की नहीं बल्कि कई सालों की है, नाले की समस्या को लेकर कई बार ग्रामीणों ने ग्राम सभा की बैठक में भी सरपंच सचिव को भी अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव ग्रामीणों की इस बड़ी समस्या को अनसुनी करते रहे ,आलम ये है की इस नाले में गंदगी बजबजा रही है, जो की ग्रामीणों के लिए गम्भीर बीमारियां परोसने का काम कर रही है,

 

20 साल हो गए नहीं हुई नाले की सफाई ,पीएम आवास में मुँहदेखी

 

एक तो ग्रामीण नाले की गन्दगी से परेसान है ,दूसरी तरफ ग्रामीण महिलाओं का आरोप है की ग्राम पंचायत द्वारा पीएम आवास में मुँहदेखी की जा रही है ,पात्र हितग्राहियों को समय पर पीएम आवास के लाभ नहीं मिल पा रहे है, तो वहीँ रसूखदारों के कोई काम नहीं रुकते परेसान है तो सिर्फ आमजनता ,अब ऐसे में सरकार की महत्वपुर्ण योजना का लाभ आमजन को आसानी से नहीं मिल पा रहा है,

पोस्ट ऑफिस दो किलोमीटर दूर

 

वहीं गाँव से पोस्टऑफिस की दूरी को लेकर भी ग्रामीण परेसान है ,बताया जा रहा है की कुछ समय पूर्व पोस्टऑफिस के लिए गांव में ही एक कमरा दे दिया गया था ,लेकिन ग्राम सचिव ने उसे खाली करवा दिया ,अब ऐसे में पोस्टऑफिस के लिए ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जबकि गांव में ही कुछ सरकारी या गैर सरकारी भवन में पोस्टऑफिस को जगह देकर ग्रामीणों की इस समस्या का निदान किया जा सकता था,ग्रामीण ने गांव में पोस्टऑफिस के लिए जगह देने की मांग की है,

 

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