ट्यूशन फीस लेने की बजाय मनमानी फीस को लेकर निजी स्कूलों की मनमानी 

 

 

जबलपुर/सिहोरा :एक तो कोरोना के साथ मंहगाई की मार झेल रही जनता को अब निजी स्कूलों की मनमर्जी की मनमानी फीस की मांग ने अभिभावकों की टेंशन बढ़ा दी है,

ऑनलाइन पढ़ाई पर फीस मनमानी क्यों 

वहीँ देखा जाए तो कोरोना काल के दौरान वैसे तो हर वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है लेकिन यदि सर्वाधिक नुकसान की बात की जाए तो कोरोना का सर्वाधिक असर होनहार छात्रों के भविष्य पर पड़ा है इसके बावजूद आपदा में अवसर तलाशते हुए निजी स्कूल संचालक ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर अभिभावकों सहित छात्रों पर अनावश्यक शुल्क वसूली का दबाव बना रहे हैं। 15 जून से प्रारंभ होने नवीन शिक्षण सत्र के पहले ही निजी स्कूल संचालकों ने अभिभावक एवं छात्र छात्राओं से शिक्षण शुल्क सहित अन्य मदों की शुल्क वसूलने दबाव बनाना शुरू कर दिया गया है निजी स्कूल संचालक ना केवल अभिभावकों को शिक्षण शुल्क जमा करने दबाव बना रहे हैं बल्कि ऑनलाइन क्लास के नाम पर भी शुल्क जमा करने निर्देशित कर रहे हैं शुल्क जमा न करने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास मैं ना जोड़ने की धमकी भी स्कूल संचालकों द्वारा दी जा रही है
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय शिक्षण संस्थाओं में 15 जून से प्रारंभ होने वाले नवीन शिक्षण सत्र में 30 जून तक प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जाएगी। जिसमें बच्चों के मोबाइल का ग्रुप बनाकर डीजी लेप ऐप के माध्यम से राज्य स्तर से जिला स्तर एवं जिले से शाला स्तर पर शिक्षण सामग्री डाली जाएगी तथा दूरदर्शन चैनल पर भी निर्धारित समय पर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं निजी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन छात्रों का ग्रुप बनाकर ऑनलाइन शिक्षण सामग्री उपलब्ध करा सकेगा।प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया था ।ऐसे में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से यह साफ किया गया है कि ऑनलाइन कक्षाएं के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे सभी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे.इसके अलावा अन्य किसी भी मदों में फीस वसूली गई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.गौरतलब है कि बीते कुछ समय से लगातार ऑनलाइन कक्षाएं के नाम पर स्कूलों की मनमानी की शिकायतें सामने आ रही थी.जिसमें अभिभावकों की ओर से यह शिकायत लगातार की जा रही है. स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन क्लास के नाम पर छात्रों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य मदों में भी फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं.इसके साथ ही फीस न जमा कर पाने की स्थिति में छात्र को ऑनलाइन क्लास से बाहर करने की चेतावनी दे रहे हैं.
*इनका कहना है*
कोरोना काल में निजी स्कूलों को केवल शिक्षा शुल्क के अलावा किसी अन्य मद में शुल्क वसूल नहीं कर सकते यदि कोई स्कूल ऑनलाइन क्लास रजिस्ट्रेशन के नाम पर शुल्क वसूल करता है तो शिकायत प्राप्त होने पर कार्यवाही की जाएगी
अशोक उपाध्याय विकास खंड शिक्षा अधिकारी सिहोरा

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