पिता की डांट से गुस्से में घर छोड़कर भाग गए थे भाई बहन,पुलिस ने खोजकर किया परिजनों के हवाले 

 

जबलपुर:पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागे 11 वर्षिय बेटे एवं 7 वर्षिय बेटी को सरगर्मी से तलाश कर बच्चों को जबलपुर पुलिस ने पिता के हवाले किया ,पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक थाना गोरखपुर अंतर्गत रामपुर चौकी में दिंनांक 28-1-21 की रात लगभग 11-30 बजे माण्डवा बस्ती निवासी पिता द्वारा सूचना दी गयी कि उसके देा बच्चे है, पिछले 4 वर्ष से उसकी पत्नि मण्डला स्थित अपने मायके मे रह रही है। सुवह लगभग 7 बजे मजदूरी करने जाता है एवं शाम लगभग 7 बजे वापस आता है। दिनाॅक 28-1-21 को शाम 7 बजे वह काम से घर वापस आया तो घर पर उसका 11 वर्षिय बेटा एवं 7 वर्षिय बेटी नहीं मिले आसपास बच्चों के बारे में पता किया कोई जानकारी नहीं मिली उसके बाद उसने अपनी मां के घर बस स्टेण्ड जाकर देखा जहाॅ भी बच्चे नहीं मिले आसपास एवं रिश्तेदारी में बच्चों की तलाश पतासाजी किया लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा है।
सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराये जाने पर पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा तत्काल दोनों बच्चों की तलाश पतासाजी के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये, दिये गये निर्देशों के परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध गोपाल खाण्डेल के मार्ग दर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर  आलोक शर्मा एवं रात्रि गस्त अधिकारी के नेतृत्व में पतासाजी हेतु टीमें गठित की गयी, तथा घटित हुयी घटना की जानकारी से वायरलेस सेट के माध्यम से शहर एवं देहात के थानों एवं क्राईम ब्रांच की टीमो को दोनों बच्चों के हुलिया के संबंध में बताते हुये तलाश पतासाजी हेतु शहर से बाहर जाने वाले वाहनों एवं रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड, लाॅज, धर्मशाला आदि को चैक करने हेतु बताया गया, इसके साथ ही सरहदी जिले कटनी, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, मण्डला, डिंडोरी उमरिया के कन्ट्रोलरूम को भी दोनों बच्चों के फोटेा वाट्सअप पर भेजे गये एवं जबलपुर की ओर से आने वाले वाहनों को चैक करवाने हेतु सूचित करते हुये रात्रि गस्त में तैनात सभी पैट्रोलिंग एवं चीता मोबाईल तथा एफआरव्ही मोबाईलो को वाट्सअप पर फोटो भेजे गये,
दौरान तलाश के आज दिनाॅक 29-1-21 को सुबह 7 बजे दोनों भाई-बहन ग्वारीघाट के उमाघाट स्थित मंदिर में मिले, जिन्होंने पूछताछ पर बताया कि पिता शराब पीकर बिना वजह डांटते हैं इस कारण नाराज होकर दोनों घर से चले गये थे। दोनों बच्चों को पिता के सुपुर्द करते हुये पिता को समझाईश दी गयी कि बच्चों की अच्छे से देखरेख एंव परवरिश करें, डांटे फटकारे नहीं, गलती करने पर प्यार से समझायें।
*उल्लेखनीय भूमिका* – नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर  आलोक शर्मा एवं थाना प्रभारी गोरखपुर  सारिका पाण्डे के नेतृत्व में गठित टीम के चैकी प्रभारी उप निरीक्षक सुमित मिश्रा, आरक्षक राजेश एवं प्रधान आरक्षक चालक इश्तियाक खान तथा क्राईम ब्रांच के प्रधान आरक्षक धनंजय सिंह , विजय शुक्ला, आरक्षक मोहित उपाध्याय की सराहनीय भूमिका रही।

शेयर करें: