मोखा सहित देवेश के खिलाप एन.एस.ए .के तहत कार्यवाही 

 

जबलपुर ;नकली रेमडिसिवर इंजैक्शन के प्रकरण में आरोपी सरबजीत सिंह मोखा सहित देवेश चौरसिया के खिलाप एनएसए के तहत कार्यवाही की गई है,यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक जबलपुर के प्रतिवेदन पर जिला दण्डाधिकारी जबलपुर ने नकली रेमडिसिवर इंजैक्शन के प्रकरण में सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिंह मोखा एवं सिटी अस्पताल की दवा दुकान में काम करने वाले देवेश चौरसिया को एन.एस.ए. के तहत निरूद्ध किये जाने का वारंट जारी करते हुए ओमती पुलिस द्वारा सरबजीत सिंह मोखा एवं देवेश चौरसिया को जारी वारंट में  गिरफ्तार किया जा रहा है,वहीँ जिला जबलपुर अंतर्गत भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन निवासी आशा नगर अधारताल को नकली रेमडिसिवर इंजैक्शन बेचने के प्रकरण में गुजरात पुलिस द्वारा दिनाॅक 7-5-21 के रात 3-30 बजे पकडकर ले जाया गया था।

ये है पूरा मामला,

 

पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.)* को विश्वसनीय मुखबिर द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि भगवती फार्मा एवं सपन जेन के भाई सत्यम जैन के सत्यम मेडिकोज मे नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन हो सकते है, सूचना की तस्दीकी कार्यवाही हेतु तत्काल पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), द्वारा अति0 पुलिस अधीक्षक शहर  रोहित केशवानी (भा.पु.से.) के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक ओमती  आर.डी. भारद्वाज, थाना प्रभारी ओमती  एसपीएस बघेल, थाना प्रभारी रांझी  आर.के. मालवीय, थाना प्रभारी घमापुर  दिलीप श्रीवास्तव, थाना प्रभारी भेडाघाट  शफीक खान, थाना प्रभारी खमरिया निरूपा पाण्डे, की एक विशेष टीम गठित की गयी। गठित टीम के द्वारा भगवती फार्मा के लायसेंस धारी सत्यम जैन उम्र 27 वर्ष निवासी आशा नगर अधारताल एवं सिटी अस्पताल के कर्मचारी देवेश चैरसिया पिता दिलीप चौरसिया जो कि सिटी अस्पताल मे दवा सप्लाई का काम देखता है से सघन पूछताछ की गयी।
पूछताछ पर पाया गया कि ,दिनांक 23-04-21 एवं 28-04-21 को अम्बे ट्रेवल्स के माध्यम से इंदौर से रेमडिसिविर इंजेक्शन के दो कार्टून जबलपुर आये थे जिसे सरबजीत सिंह मौखा के कहे अनुसार देवेश चौरसिया लेने के लिये गया था तथा दमोहनाका स्थित अम्बे ट्रांसपोर्ट से प्राप्त कर सिटी अस्पताल लाकर सरबजीत सिंह मोखा के कक्ष मे रखा था, उक्त दवाओं का भुगतान सपन जैन के द्वारा किया गया परंतु इस सबंध मे सिटी अस्पताल द्वारा कोई रिकार्ड संधारित नही किया गया।उल्लेखनीय है कि थाना बी डिवीजन जिला मोरवी गुजरात द्वारा नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री से नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन जप्त किये गये थे, और उसी फैक्ट्री मेे बने नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन इंदौर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से सिटी अस्पताल जबलपुर के डायरैक्टर सरबजीत सिंह मोखा द्वारा मंगवाये गये। सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा द्वारा अपने सहयोगियों के साथ षणयंत्रपूर्वक कोविड महामारी के दौर में मरीजो के साथ छल करते हुए, मानव जीवन को संकटापन्न कर अवैध लाभ अर्जित करने के लिये अपमिश्रित दवाओ का उपयोग किया जाना पाया जाने पर सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिंह मौखा, एवं देवेश चौरसिया तथा सपन जैन, एवं अन्य के विरूद्ध थाना ओमती में दिनाॅक 9-5-21 को 252/2021 धारा 274,275,308,420,120 बी भा.द.वि. 53 आपदा प्रबंधन अधिनियम, 3 महामारी अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध कर देवेश चौरसिया पिता दिलीप चौरसिया उम्र 41 वर्ष निवासी न्यू रामनगर अधारताल को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया था,

अस्पताल में भर्ती मिला मोखा

फरार सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा की गिरफ्तारी हेतु क्राईम ब्रांच की टीमों के द्वारा दबिश दी जा रही थी, दौरान तलाश पतासाजी के सरबजीत सिहं मोखा के अपने ही सिटी अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती होने की जानकारी लगने पर ओमती पुलिस द्वारा सिटी अस्पताल में दबिश दी गयी तो सिटी अस्पताल के कोविड वार्ड में सरबजीत सिंह मोखा भर्ती मिला।पुलिस अधीक्षक जबलपुर  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.)* के निर्देश पर सिटी अस्पताल में पुलिस गार्ड लगायी गयी एवं आज दिनाॅक सरबजीत सिंह मोखा का जिला चिकित्सालय की टीम के द्वारा आर.टी.पी.सी.आर. कोरोना टैस्ट करवाते हुये कोरोना प्रोटोकाॅल के तहत सरबजीत सिंह मोखा पिता स्व. मंजीत सिंह उम्र 55 वर्ष निवासी 1112 पचपेढी साउथ सिविल लाईन को अभिरक्षा में लेते हुये सघन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आये तथ्यों के आधार पर प्रकरण में धाराओं का इजाफा किया जावेगा।सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा एवं सिटी अस्पताल की दवा दुकान मे काम करने वाले देवेश चौरसिया द्वारा कोराना वायरस संक्रमण के इलाज में अपमिश्रित रेमडेसिविर इंजैक्शन का उपयोग कर मानव जीवन को संकटापन्न करने के अपराध को गम्भीर प्रकृति का मानते हुये पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा तत्काल सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा एवं सटी अस्पताल की दवा दुकान मे काम करने वाले देवेश चौरसिया के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) 1980 की धारा 3, सहपठित धारा 2 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने हेतु आदेशित किये जाने पर आदेश के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर  रोहित काशवानी (भा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक ओमती  आर.डी. भारद्वाज के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी ओमती  एस.पी.एस. बघेल के द्वारा सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा एवं सिटी अस्पताल की दवा दुकान मे काम करने वाले देवेश चौरसिया के विरूद्ध चंद घंटों में एन.एस.ए. का प्रकरण तेैयार कर जिला दण्डाधिकारी जबलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।*जिला दण्डाधिकारी जबलपुर कर्मवीर शर्मा (भा.प्र.से.)* द्वारा सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा एवं सिटी अस्पताल की दवा दुकान मे काम करने वाले देवेश चौरसिया का एन.एस.ए. के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुये केन्द्रीय जेल जबलपुर में निरूद्ध कराये जाने हेतु आदेशित किये जाने पर अभिरक्षा में लिये गये सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा एवं केन्द्रीय जेल जबलपुर में निरूद्ध देवेश चैसरिया की जारी एन.एस.ए. के वारंट में विधिवत गिरफ्तारी की जा रही है।

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