कर्जा पटाने के लिए बनाई थी अपहरण की योजना,चार आरोपी गिरफ्तार,दो फरार 

 

जबलपुर :घर का कर्जा पटाने के लिए  अपहरण की योजना बनाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो आरोपी फरार है,पुलिस कंट्रोलरूम में प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए एसपी सिद्दार्थ बहुगुणा ने बताया की थाना संजीवनी नगर अंतर्गत कर्ज चुकाने हेतु 50 लाख रूपये की फिरौती मांगने की योजना बनाकर गैस एजेन्सी संचालक के 17 वर्षिय बेटे के अपहरण का प्रयास करने वाले चार आरोपियों को  गिरफ्तार कर लिया गया है ,साथ ही फरार 2  आरोपियों की तलाश की जा रही है,,पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त इनोवा कार, 2 मोटर सायकिल, 4 मोबाईल, 2 सिम जप्त की गई है ,

चार गिरफ्तार ,दो फरार,

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 1.लक्की सिंह राजपूत पिता इंदर सिंह राजपूत उम्र 27 वर्ष निवासी गंगा मईया राधाकृष्ण स्कूल के पास व्हीएफजे राँझी
2.गोविंद प्रसाद कोल पिता स्व. करोडीलाल कोल उम्र 27 वर्ष निवासी गंगा मईया सेंट मैरी स्कूल के पीछे व्हीएफजे राँझी 3. आनंद दाहिया पिता श्री निवास दाहिया उम्र 20 वर्ष निवासी मडई भरत कालोनी व्हीएफजे राँझी
4. राहुल चैधरी पिता धनीराम चैधरी उम्र 22 वर्ष निवासी बजरंग नगर गंगा मईया व्हीएफजे राँझी फरार आरोपी-* 1. सत्यम कुशवाहा 2. शिव पटैल

जप्ती,

घटना मे प्रयुक्त एक सफेद रंग की इनोवा कार क्र.एम.पी. 20 बी.ए. 5312, एवं 2 मोटर साईकिल, 4 मोबाईल दो ऐयरटेल की सिम ।

 

ये है पूरा मामला

 

थाना संजीवनी नगर मे दिनाँक 22.02.2021 को सुजल कुसरे उम्र 17 वर्ष निवासी एचआईजीसी 96 सामुदायिक भवन के पास धनवंतरीनगर ने बताया कि वह एक प्राईवेट स्कूल में कक्षा 11वीं में पढता है, उसके पिता की समीक्षा टाउन में संदीप गैस एजेन्सी का संचालन करते हैं। दोपहर लगभग 2-30 बजे डोर वेल बजी, वह गेट के पास पहुंचा उसकी मम्मी उपर छत की गैलरी पर थी एक सफेद रंग की बिना नंबर की कार मे पाँच लडके जिनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच रही होगी आ, उनमे से तीन लडके कार से उतरे तथा बोले की पापा से बात हो गई है, जो स्कार्पियो गाडी बेच रहे हो वह दिखा दो, तो उसने स्कार्पियों दिखाई, स्कार्पियो देखकर वे लोग गेट के बाहर निकले, वह भी गेट के बाहर तक उनको छोडने गया, तो कार मे बैॅठा एक लडका उसे मोबाईल देकर बोला कि कार में बैठकर इसमें अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नम्बर लिख देा मुझे चैक करना है, वह कार में नहीं बैठा बाहर खडे़, खड़े मोबाईल में रजिस्ट्रेशन नम्बर डालने लगा, तभी कार के बाजू मे खडे दो लडके उसे धक्का देकर कार मे बैठाने लगे, वह जोर से चिल्लाया तो उसकी मम्मी भी छत से चिल्लाने लगी, उसी समय जूसजा सिटी की ओर से आ रहे होमगार्ड वार्ड पाण्डे अंकल भी चिल्लाये तो दोनों लोग कार मे बैठक गये और सभी तेजी से कमेटी हाल वाली रोड की तरफ भाग गये।

मुख्य आरोपी ने खोला राज ,

 

वहीँ घटित हुई घटना की गम्भीरता से देखते हुए  पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध  गोपाल खांडेल, एवं नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर  आलोक शर्मा तत्काल थाना संजीवनी नगर पहुंचे । सुजल कुसरे से विस्तार से घटित हुई घटना के सम्बंध में पूछताछ करते हुये दौरान विवेचना में सी.सी.टी.व्ही फुटेज खंगाले गये, तथा पिता संदीप कुसरे से पूछताछ की गयी।दौरान विवेचना पिता संदीप कुसरे ने पूछताछ पर बताया कि उसने अपनी पुरानी स्कार्पियो बेचने की चर्चा तीन लोगो से की थी, 10 मिनिट पहले एक अननोन नम्बर से गाडी देखने के लिये फोन आना बताया, तीनों लोगों से पूछताछ की गयी, दौरान पूछताछ के लकी सिंह राजपूत के मोबाईल पर उक्त अननोन नम्बर का मिस्ड काॅल आना पाया गया।
संदेही लकी सिंह राजपूत से कडाई से पूछताछ की गयी तो लकी सिंह राजपूत ने बताया कि उसकी स्वयं की गो गैस के नाम पर गैस एजेन्सी बजरंग नगर पानी की टंकी के पास है, जहाॅ उसका स्वयं का आफिस भी है, उसके पिता श्री इंदर सिंह राजपूत करीवन 30 साल से संदीप गैस एजेन्सी समीक्षा टाउन कांचघर में प्रायवेट नौकरी करते हैं, जिनके मालिक संदीप कुसरे हैं जो धनवंतरी नगर में निवास करते हैं चूँकि उसकी एजेन्सी में कामर्सियल सिलेण्डर का ही व्यवसाय है जो कोरोना महामारी के दौरान हुये लॉक डॉउन में घाटे में जाने के कारण उस पर अपने कर्मचारियों को वेतन बांटने के लिये लगभग पांच लाख रुपये का कर्ज हो गया था जिसको व्यवसाय से पटा पाना संभव नहीं हो पा रहा था तो उसने अपने घर को गिरवी रखकर बाजार से लिया गया उधारी का पैसा पटा दिया था, लेकिन वह अपने घर को गिरवी रखने की राशि व्यवसाय से नहीं पटा पा रहा था, इसी दौरान संदीप कुसरे अंकल से उसे मालूम पडा कि वे अपनी पुरानी स्कार्पियों गाडी बेंचना चाह रहें है तो उसने अंकल से पूछा आप गाडी कितने में बेंचेगें तो उन्होने 3 लाख रुपये कीमत बतायी थी, तो उसने कुछ लोगों से उनकी स्कार्पियो को खरीदने के संबंध में बातचीत करते हुये 4 लाख रुपये कीमत बतायी थी।इसी दौरान आज से करीव 02 माह पूर्व वह अपने साथी गोविन्द कोल व आनंद दाहिया के साथ संदीप कुसरे अंकल जी से बातचीत करके उनके घर अपनी मोटर सायकल बजाज प्लेटिना से स्कार्पियो देखने गया था उनके लडके सुजल जिसे वह जानता है, के द्वारा उसे घर में खडी स्कार्पियों दिखाई गई थी । वह उनकी स्कार्पियो देखकर अपने साथियों के साथ घर वापस आ गया था ।स्कार्पियो देखने के 02-03 दिन बाद उसकेे मन मे विचार आया कि यदि मैं संदीप अंकल के लडके सुजल को किडनैप कर पचास लाख रुपये की फिरौती मागूंगा तो पैसे मिल जायेगें जिससे उसके सारे काम हो जायेगें, उसने अपने मन में आये विचार को मित्र गोविन्द कोल व आनंद दाहिया को बताया तो दोनो ने उसके विचार से सहमत होकर अपनी रजामंदी दी, तो दिनाॅक 17 फरवरी 2021 को हम तीनों गोविन्द के चचेरे भाई रिंकू गोंटिया की इनोवा गाडी किराये पर लेकर धनवंतरी नगर में संदीप अंकल के घर गये थे, जहाॅ फिर से हमने स्कार्पियों गाडी देखी थी जो उनके लडके सुजल ने दिखाई थी ,लेकिन उस दिन संदीप अंकल के घर पर ज्यादा लोग थे इसलिये हम लोग गाडी देखकर वापस आ गये , हमे ऐसा लगा कि हम तीन लोग संदीप अंकल के लडके सुजल की किडनैपिंग का काम नहीं कर पायेगें तो उसने तथा आनंद व गोविन्द ने मिलकर अन्य साथी राहुल , सत्यम व शिव पटैल को शामिल करने की योजना अपने ऑफिस में बुलाकर बनायी तथा दिनांक 22-02-2021 को प्लानिंग के अनुसार एक दूसरे से फोन पर चर्चा कर किडनैपिंग को अंजाम देने के लिये हमने दोवारा रिंकू गोटिया की इनोवा कार को किराये पर लिया जिसका एडवांस उसने नकद 1000/- रुपये एक दिन पहले रिंकू गोटिंया को दे दिया था । प्लानिंग के अनुसार वह और गोविन्द मोटर सायकिल से तथा इनोवा में आनंद, राहुल, शिव पटैल व सत्यम धनवंतरी नगर चैक पहुँचे, दोनों मोटर सायकिल चाय की दुकान के सामने खडी कर दी तथा सभी लोग इनोवा में बैठकर आगे जाकर खाली जगह में गाडी लगाकर इनोवा की नम्बर प्लेट निकाल दिये, वहीं से आनंद ने मोबाईल से संदीप अंकल को फोन लगाकर कहा कि हम जो 17 फरवरी को गाडी देखने आये थे हमारे बडे भैया उसी गाडी को देखने आ रहे हैं , तो संदीप अंकल फोन पर बोले कि मैं घर पर नहीं हूँ तो हमने सोचा कि यही सही मौका है, अपने काम को पूरा करने के लिये, उसके बाद हम सभी लोग लगभग 02-30 बजे संदीप अंकल के घर स्कार्पियो देखने के बहाने पहुँच गये तथा अपनी इनोवा को संदीप अंकल के घर के सामने लगा दिये, वह एवं गोविन्द तथा आनंद गाडी में ही बैठे थे, राहुल, सत्यम व शिव पटैल इनोवा से नीचे उतरे ,राहुल ने डोर वेल बजाया तभी संदीप अंकल का बेटा सुजल घर के बाहर आया, जिससे शिव पटैल बोला आपकी गाडी देखने आये हैं, तीनों लोग अंकल के बेटे सुजल के साथ गाडी को देखने गेट के अंदर गये थे एवं गाडी देखकर अंकल के लडके सुजल के साथ बातचीत करते हुये गेट के बाहर इनोवा के पास आये, तो उसने सुजल से बोला कि अपनी गाडी का नम्बर बताओ, हम गूगल पर आपकी गाडी को सर्च कर लेते हैं, सुजल ने गाडी का नम्बर बताया तब उसने सुजल को इनोवा मे बैठाने के इरादे से कहा कि ये नम्बर शो नहीं हो रहा है, आओ गाडी में बैठो, खुद ही मेरे मोबाईल में गाडी नम्बर लिख दो, सुजल बोला कि मैं यहीं से लिख देता हूँ एैसा कहते हुये सुजल गाडी में नहीं बैठा तो उसने रजिस्ट्रेशन नम्बर लिखने के लिये अपना मोबाईल सुजल को दे दिया और राहुल को इशारा किया, सुजल के हाथ में मोबाईल रखते ही राहुल ,सत्यम व शिव ने सुजल को गाडी में बैठाने के लिये अंदर की ओर धक्का दिया परंतु सुजल ने पूरी ताकत से हाथ छुडा लिया और चिल्लाने लगा तथा दौडकर अपने घर के अंदर चला गया, तभी हमको छत से सुजल की मम्मी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी और पीछे से एक वर्दी वाला व्यक्ति चिल्लाते हुये हमारी ओर आते दिखा ,तो हम लोग डर गये एवं इनोवा कार मे बैठकर रांझी पहुंचे और अपने-अपने घर चले गये। आरोपी लकी सिंह राजपूत के साथी गोविंद प्रसाद, आनंद दाहिया एवं राहुल चैधरी को सरगर्मी से तलाश कर आरोपियों की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त इनोवा कार , 2 मोटर सायकिल, 4 मोबाईल, दो ऐयरटेल की सिम जप्त करते हुये प्रकरण में धारा 364ए भादवि का इजाफा किया गया , फरार आरोपी सत्यम कुशवाहा, शिव पटेल की तलाश जारी है।
*पुलिसं अधीक्षक जबलुपर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पतासाजी करते हुये फिरौती हेतु अपहरण के प्रयास की सनसनीखेज उपरोक्त घटना का खुलासा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध  गोपाल खांडेल, एवं नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर  आलोक शर्मा के नेतृत्व मे गठित टीम के द्वारा किया गया है, यदि आरोपी शीघ्र पकड़े नहीं जाते तो पुनः घटना को कभी भी अंजाम दे सकते थे।*

उल्लेखनीय भूमिका* – थाना प्रभारी संजीवनी नगर  भूमेश्वरी चैहान, उप निरीक्षक सत्य नारायण कुशवाहा, सचिन वर्मा, सउनि विनोद दुबे, आरक्षक छत्रपाल, बालमुकुन्द, विक्रम, राहुल, जितेन्द्र, बालकृष्ण तिवारी, महिला आरक्षक वर्षा पटेल तथा क्राईम ब्राँच के प्रधान आरक्षक प्रमोद पाण्डे, आरक्षक ब्रम्हप्रकाश, राममिलन, रामगोपाल, खुमान सिंह, अजय की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

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