सत्यापन के दौरान गेहूं के मिले 15 फर्जी पंजीयन निरस्त

जबलपुर:समर्थन मूल्य पर गेहूँ के उपार्जन के लिये कराये गये पंजीयनों के सत्यापन के दौरान पाटन तहसील में पाये गये 15 फर्जी पंजीयनों को निरस्त कर किसानों की आड़ में समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभी तक 15 पंजीयन फर्जी 

अनुविभागीय राजस्व अधिकारी पाटन शाहिद खान के मुताबिक कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. के निर्देशानुसार पाटन तहसील में राजस्व विभाग के अमले द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिये कराये गये पँजियनों का सूक्ष्मता से सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान अभी तक पाटन तहसील में 15 फर्जी पंजीयन पकड़े गये हैं। फर्जी पंजीयन कराने वालों ने गेहूं उपार्जन के लिए 37.89 हेक्टेयर भूमि का पंजीयन करा लिया था।
श्री खान के अनुसार सत्यापन के दौरान पाये गये इन फर्जी पंजीयनों में से कुछ व्यक्तियों द्वारा फर्जी सिकमीनामा तैयार कर पंजीयन करा लिया गया। जबकि कुछ प्रकरण ऐसे थे जिनमें फसल मसूर एवं चना की ली गई थी लेकिन पंजीयन गेहूं का करा लिया गया था। इसी तरह कुछ मामलों में कोई भी फसल नहीं ली गई लेकिन फिर भी गेहूं का पंजीयन करा लिया गया।
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी पाटन ने बताया कि सत्यापन के दौरान ग्राम सिमरिया करारी में अभिषेक वल्द धर्मेन्द्र द्वारा मूल भूमिस्वामी संजय कुमार की 2.82 हेक्टेयर भूमि पर फर्जी सिकमीनामा लगाकर पंजीयन करा लिया गया। इसी प्रकार ग्राम दोनी (गनयारी) में कोमल पटैल वल्द राम मनोहर पटैल द्वारा मूल भूमिस्वामी गोपाल की भूमि 5 हेक्टेयर का फर्जी सिकमीनामा लगाकर पंजीयन कराया गया। ग्राम कुशली में सोहन सिंह वल्द महाराज सिंह द्वारा मूल भूमिस्वामी अंजीत सिंह की 3.01 हेक्टेयर में फर्जी पंजीयन कराया गया जबकि इस भूमि पर मसूर की फसल ली। ग्राम मोहला मे नन्हे सिंह द्वारा 3.26 हेक्टेयर भूमि पर मसूर एवं चना की फसल ली गई लेकिन पंजीयन गेहूँ का करा लिया गया। ग्राम साजपानी (बगसवाही) के कृषक नीरज कुमार द्वारा मौके पर चना की फसल लगाकर गेहूं का पंजीयन कराया गया। इसी ग्राम में नीलेश कुमार द्वारा स्वयं की 1.20 हेक्टेयर भूमि पर चना फसल लगाकर गेहूं का पंजीयन कराया गया।
ग्राम तमोरिया में महेश प्रसाद पटैल वल्द भगवानदास पटैल के द्वारा गेहूं फसल नहीं लगाये जाने के बावजूद 4.32 हेक्टेयर भूमि फर्जी पंजीयन करा लिया गय। ग्राम तमोरिया में ही प्रदीप पाठक द्वारा 2.16 हेक्टेयर मे गेहूं फसल नही लगाये जाने के बावजूद फर्जी पंजीयन करा लिया गया। ग्राम पैमाखेडा मे दुर्गेश पटैल वल्द हरदयाल पटैल कृषक द्वारा जगन्नाथ एवं प्रमोद सिंह की 1.83 हेक्टेयर भूमि का फर्जी सिकमीनामा लगाकर गेहूं का पंजीयन कराया गया। ग्राम दिधौरा मे बलराम सिह वल्द दौलत सिह द्वारा मूल भूस्वामी संगीता शुक्ला की भूमि 4.27 हेक्टेयर का फर्जी सिकमीनामा लगाकर गेहूं पंजीयन कराया गया।
ग्राम कुकरभुका मे कृषक कीरत प्रसाद वल्द शिवप्रसाद के द्वारा मौके 1.70 हेक्टेयर पर गेहूं फसल नही लगाये जाने के बावजूद फर्जी पंजीयन कराया गया। ग्राम कुकरभुका में ही कृषक राहुल वल्द संतोष पटैल द्वारा मौके 1.50 हेक्टेयर पर गेहूं फसल नही लगाये जाने के बावजूद फर्जी पंजीयन कराया गया है। ग्राम देवरी मे मनीष पटैल वल्द रम्मू पटैल द्वारा 25 वर्ष पूर्व भूमि विक्रय करने के बावजूद रकवा 1.55 हेक्टेयर पर मूल कृषक रामविनय करसौलिया की भूमि का फर्जी गेहूं पंजीयन करा लिया गया। ग्राम जोबा में वृन्दावन वल्द कढोरी लाल द्वारा मूल भूमिस्वामी श्रीमति ममता की भूमि रकवा 1.99 हेक्टेयर का फर्जी सिकमीनामा लगाकर फर्जी गेहूं पंजीयन करा लिया गया तथा ग्राम बरौदा (कुमगवा) मे संजय कुमार पटैल द्वारा मूल भूमिस्वामी हिमेन्द्र तपेन्द्र दुबे की भूमि का फर्जी सिकमीनामा लगाकर पंजीयन कराया गया था।

 

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