हनुमान जयंती पर करें विजय प्राप्ति शत्रु दमन और संपन्नता के लिए ये उपाय: पंडित राजकुमार। शास्त्री।

जबलपुर- परंपरा में सारा कार्य तिथियोंऔर ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुरूप निर्धारित होता है। यहां तक कि सारे मांगलिक कार्य भी इसी के अनुरूप चलते हैं। ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुसार ही ज्योतिष शास्त्र से निकली भविष्यवाणियां सामने आती हैं। आने वाले हनुमान जयंती के दिन भी विजय प्राप्ति, शत्रु दमन, और दरिद्रता को मिटाने के कुछ योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री का कहना है कि इस दिन विशेष पूजा करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगीं। चैत पूर्णिमा,19अप्रैल यानी आने वाले शुक्रवार को हनुमान जी का प्रकट उत्सव है इस दिन हनुमानजी के लघु पूजन एवं मंत्र जाप करने से भक्तों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। हनुमान जी प्रसन्न होकर विजय प्राप्ती दिलाकर शत्रुओं का नाश करते हैं और निर्धनता से लोगों को मुक्ती दिलाते हैं। हनुमान जी का यह नाम असंभव को भी संभव कराने वाला साबित होता है बशर्ते इसकी तीन,सात,ग्यारह माला अपनी श्रृद्धा के अनुसार जाप करने से प्रभू शुभ फल देते हैं। माला रुद्राक्ष, चंदन, तुलसी या लाल मूंगा की हो सकती है।
अतुलित बल धामा, संकट मोचन, पवन पुत्र की संक्षिप्त पूजन विधि आपको बताने जा रहे हैं।पं राजकुमार शर्मा सर्वप्रथम नित्य कर्म और स्नान आदि से निवृत होकर लाल या पीले वस्त्र पहने फिर आसन पर बैठकर हनुमान जी की फोटो अथवा प्रतिमा को जल अर्पित करें। चमेली के तेल का एक बाती वाला तथा शुद्ध घी का चार बाती वाला दिया जलाएं। सुगंधित धूप वाली अगरबत्ती जलाना चाहिए। हनुमान जी को लाल वस्त्र या मौली का धागा, चमेली, गुलाब, जासौन के लाल पुष्प अर्पित करके करना चाहिए। हनुमान जी को लाल पुष्प, लाल फूल, चमेली, अति प्रिय हैं। इसके बाद दो गीले नारियल लेकर एक नारियल पर मौली का धागा 7 बार लपेटे और दूसरे नारियल को फोड़ दें। इमरती का प्रसाद चढ़ाएं और फिर निम्न मंत्रों का जाप 11 बार करें मंत्र है
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्रनाम ततुल्यम राम नाम वारानने।
माला जाप करने का विशेष लाभ होगा इस दौरान जाप करने का मंत्र है
ऊं ऐं भ्रीम हनुमंते,
श्री रामदूताए नमः। जप के पश्चात पृथ्वी पर तीन बार चल डालकर प्रणाम करके प्रभु से निवेदन करें आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

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