सिहोरा में सरकारी अधिकारी ही बने सरकारी मनरेगा के काम में बाधक मजदूरों को गाली गलौच करते हुए कर ली जेसीबी जप्त

सरपँच पर पुलिस से करवा दिया फर्जी मामला कायम

जबलपुर :सरकार द्वारा पंचायतों को बरसात का जल संग्रह करने के लिए तालाब गहरीकरण से लेकर नए तालाब बनाने के अधिकारों के साथ उन्हें अधिकार दिया गया है जिनके तहत वे बरसात का जल संग्रह करने के लिए पंचायत की भूमि पर तालाब गहरीकरण के साथ नव तालाब निर्माण बोरी बंधान सहित अन्य तरह से जल संग्रह कर सकें इस तरह के अधिकार ग्राम पंचायतों को सरकार ने दे रखे है लेकिन जब पंचायतों के इन अधिकारों पर सरकारी अधिकारी ही रोड़ा बन जाएं तो पंचायते कैसे काम करेंगी कुछ इसी तरह का ही मामला जबलपुर जिले के सिहोरा जनपद की मझगवां सर्किल की गिदुरहा पंचायत का है जहां पर गिदुरहा में विधिवत सरकारी नियमों से चल रहे तालाब गहरीकरण के काम को और किसी ने नहीं बल्कि प्रशासन के ही राजस्व विभाग के उन अधिकारियों ने रोक दिया जो गिदुरहा सरपँच से पहले से ही खफा थे बदले की भावना से करी और करवाई गई इस कार्यवाही ने प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए है की क्या पंचायत अपने अधिकारों का उपयोग कर जनहित के कार्य नहीँ कर सकतीं कुछ इस तरह से अपना दर्द भरा आरोप पत्र गिदुरहा सरपँच विनोद पटेल ने मीडिया को दिया

ये है मामला :

ग्राम सरपँच विनोद पटेल द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 17 /05 /2019 की शाम 4 बजे चल रहे नवीन तालाब निर्माण कार्य आमा नाला बघराजी रोड एवं सुधार कार्य खेल मैदान बघराजी रोड के पास मवेशियों के लिए पानी सुलभ करवाने हेतु कराया जा रहा था जिनकी तकनीकी स्वीकृति आदेश प्रशासन द्वारा स्वीकृत है परंतु नायब तहसीलदार ,तहसीलदार ,पटवारी को रिश्वत चाहिए सरपँच से तभी कार्य कर सकते है नहीं तो जायज काम को भी नजायज करार कर सरपँच के खिलाप झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है

सरपँच गए थे शादी में यहाँ हो गया खेल

वहीँ सरपँच विनोद पटेल की मानें तो ग्राम पंचायत गिदुरहा में दिनांक 17 मई से 18 मई को नरसिंहपुर शादी में गए थे घटना स्थल पर ग्रामवासी व मजदूर थे तभी पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारी पँहुचे जहाँ पर नायब तहसीलदार द्वारा जे सी बी जप्त करते हुए मजदूरों के साथ अधिकारियों द्वारा गालीगलौच करते हुए सरकारी काम में लगी जे सी बी को जप्त कर करते हुए गिदुरहा तालाब का निर्माण कार्य बन्द करवा दिया गया प्रशासन के ही टी एस आदेश को इन अधिकारियों ने नहीं माना अब ऐसे में कोई पंचायत अपने अधिकारों का उपयोग पंचायत के बाहर जाकर करे क्या ?

सरकारी आदेश व सरकारी दस्तावेजों को नकारा ;

वहीँ ग्राम सरपँच की मानें तो पंचायत के कार्यों में मुरम मिट्टी के उयोग हेतु आदेश को स्वीकृत किया था उन्हीने इस आदेश को दरकिनार कर दिया इस मामले में नायब तहसीलदार नायब अरुण भूषण दुबे द्वारा पंचायत के शासकीय कार्य हेतु मुरम मिट्टी खोदने का आदेश पारित किया गया था लेकिन जब उनको सरपँच ने न्योछावर नहीं दी तो कार्यवाही करवा दी साथ ही सरपँच ने आरोप लगाए है की रंजिसबस राजस्व विभाग द्वारा मेरे खिलाप पुलिस से मिलकर झूठी कार्यवाही की गई जिसकी में उच्चस्तरीय जांच की मांग करता हूँ साथ ही मुझे जिला प्रशासन से उम्मीद है की मुझे न्याय जरूर मिलेगा साथ ही यदि ऐसा नहीं होता तो मेरे को बस नहीं कई गरीब और ईमानदार लोगों का विस्वास कानून व्यवस्था से उठ जाएगा हलाकि मुझे भारतीय कानून व्यवस्था पर पूरा विस्वास है की मुझे न्याय जरूर मिलेगा

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