समाचार में प्रशंसा या आलोचना करना पेड न्यूज माना जायेगा

जबलपुर ,सत्रहवीं लोकसभा के लिए होने वाले चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न प्रचार माध्यमों में पेड न्यूज की कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।आयोग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रिंट मीडिया में राजनैतिक दलों के प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए किसी भी प्रकार के प्रमाणन की आवश्यकता नहीं है। समाचार पत्रों में किसी भी प्रकार का भुगतान पर समाचार को प्रकाशित कराना पेड न्यूज की श्रेणी में माना जाएगा। किसी प्रत्याशी और राजनैतिक दल की प्रशंसा, आलोचना का प्रकाशन भी पेड न्यूज माना जाएगा।टेलीविजन, केबल चैनल, एफएम रेडियो, सोशल मीडिया एवं सेल्यूलर फोन सेवा पर एक समान नियम लागू होंगे। एफएम चैनल में प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर से तैयार प्रचार सामग्री का प्रमाणन कराना आवश्यक होगा। टेलीविजन, केबल चैनल, एफएम रेडियो, सोशल मीडिया एंव सेल्यूलर सेवा प्रदाता को किसी भी प्रकार की राजनैतिक प्रचार सामग्री प्रसारण के लिए राज्य या जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एण्ड मानीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से प्रमाणन कर प्रस्तुत करना होगा या इसकी प्रक्रिया क्रियांवित करवानी होगी। प्रमाणित विज्ञापन सामग्री का ही प्रसारण किया जाएगा। यदि इसका उल्लंघन होता है तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।किसी भी प्रकार के पोस्टर और पम्पलेट के प्रकाशन में आवश्यक रूप से प्रकाशक, मुद्रक और प्रकाशित सामग्री की कुल संख्या अनिवार्य रूप से प्रकाशित करनी होगी। मुद्रकों को प्रकाशित सामग्री जिला निर्वाचन कार्यालय में आवश्यक रूप से तीन दिन के अंदर चार-चार प्रतियों में जमा करवानी होगी। यदि मुद्रक इन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।सेल्यूलर फोन आपरेटर को एसएमएस सामग्री पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा और प्रावधानों का पालन करना होगा। मतदान दिवस के 48 घंटे पूर्व थोक एसएमएस पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे।
शेयर करें: