समन्वित कृषि कृषकों के लिए उपयोगी कृषक कार्यशाला में संभागायुक्त बहुगुणा

जबलपुर :संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने कहा है कि कृषि को व्यवसाय मानें और समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाकर कृषि को आर्थिक रूप से लाभदायक बनाएं। संभागायुक्त बहुगुणा बरेला के निकट ग्राम देवरी पटपरा में विज्ञान आश्रम में आयोजित महिला कृषकों की क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इसमें मण्डला और जबलपुर जिले के जबलपुर ब्लाक, मण्डला, मवई, बीजाडांडी, निवास, नारायणगंज विकासखण्डों की महिला कृषक सम्मिलित हुईं। कार्यशाला में संयुक्त आयुक्त अरविंद यादव, उप संचालक कृषि जबलपुर श्री निगम, जनपद पंचायत जबलपुर के अध्यक्ष, सृजन समाज विकास समिति के सदस्यगण, कासा संस्था भोपाल से आए सीनियर प्रोग्राम आडिटर तपनचन्द्र कुम्भकार, परमेश्वरी सेवा संस्थान के सदस्यगण, कृषि वैज्ञानिक वी.के. राय मौजूद थे।संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली से कृषि करने से जहां कृषि से जुड़ा जोखिम कम होता है। वहीं कृषि लागत में कमी आती है। समन्वित कृषि प्रणाली पुरानी परम्परागत कृषि को बेहतर और वैज्ञानिक ढंग से कृषि करने का तारीका है। इसमें कृषक पशुपालन के साथ जैविक खाद स्वयं तैयार कर सकता है। रबी-खरीफ के मौसम में गेहूं, धान के साथ अन्य फसलें और ग्रीष्मकालीन फसलें ले सकता है। कृषक को वर्षभर आय प्राप्त करने का जरिया मिलता है।
संभागायुक्त ने कहा कि पशुपालन कर वर्मी कम्पोस्ट खाद, जैविक खाद बनाई जा सकती है। दूध से अतिरिक्त आय हो सकती है। जैविक खाद के उपयोग से रासायनिक खाद पर होने वाला व्यय कम होगा। गर्मी की फसल लेने से 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त आय ली जा सकती है।
मेढ़ का रकबा 10 से 12 प्रतिशत रहता है। मेढ़ पर फलदार वृक्ष लगाए जा सकते हैं। कई स्थानों पर मेढ़ पर अरहर की फसल ली जाती है। कई फसल लेने से किसी फसल को प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकती है।
संभागायुक्त ने विज्ञान आश्रम में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जो कृषि यंत्रों, उन्नत बीज, जैविक कृषि पर आधारित थी। आश्रम पर उन्नत नस्ल की गायों की गौशाला, उन्नत धान, अनेक प्रजातियों की घास का अवलोकन भी संभागायुक्त द्वारा किया गया।कृषि वैज्ञानिक डॉ वी.के. राय ने महिला कृषकों को कृषि से संबंधित उपयोगी जानकारी दी।

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