शब्द चुनो गीत बुनो शीर्षक से बाल गीत कार्यशाला प्रारंभ

जबलपुर :संभागीय बाल भवन, जबलपुर में साहित्यिक गतिविधियों के अंतर्गत कविता, गीत, कहानी, लेखन का प्रषिक्षण देना आष्चर्य चकित कर देता है। मुझे यह जानकर बेहद प्रसन्नता हुई कि अधिकांष गीत जो बाल भवन के बच्चे गाते हैं वे गैर फिल्मी अथवा बाल भवन में ही तैयार किए गये गीत होते हैं तथा बच्चों से आने वाले 10 दिनों में 5 बाल गीतों का निर्माण का लक्ष्य निर्धारित करना कार्यला का उद्देष्य है। यह जानकर चकित होना संभव हैश् तदाषय के बिचार प्रो. आर.के. ग्रोवर ने संभागीय बाल भवन में शब्द चुनो गीत बुनों शीर्षक से आयोजित 10 दिवसीय बाल गीत कार्यषाला में व्यक्त किए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमति सिमरन सिंह न कहा कि बच्चों के पसंद के शब्द चुनकर सामुहिक अभ्यास से ऐसे गीत की रचना करना जिसके एक नहीं कई रचनाकार हों यह प्रयोग विष्व का अनूठा प्रयोग माना जावेगा।अतिथि वक्ता श्री डोंगरे (आचार्य संगीत) केन्द्रीय विद्यालय, इटारसी ने कहा कि निःसंदेह ऐसे प्रयोगों से बच्चों में सहभागिता और समन्वय का भाव भी जन्म लेता है।कार्यक्रम के द्वितीय चरण में श्रीमति सीमा पाठक द्वारा 15 दिवसीय प्रषिक्षण में प्रषिक्षित 100 बालक-बालिकाओं से ब्राईडर मेंहदी बनवाकर प्रदर्षित कराई गयी। गिरीष बिल्लौरे, संचालक संभागीय बाल भवन द्वारा बताया गया कि बच्चों को मौलिक सृजन से जोड़ना हमारा लक्ष्य है। संभागीय बाल भवन के बच्चों द्वारा कभी भी मौलिक सृजन से हट कर प्रदर्शन नहीं किया जाता है ।

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