विश्व स्तनपान सप्ताह 2019 में जनजागरण के होंगे कई कार्यक्रम

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जबलपुर :जिला कार्यक्रम अधिकारी जबलपुर द्वारा आज एक कार्यशाला आयोजित कर संचार माध्यमों से 1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह में जागरूकता का आह्वान करते हुए मीडिया की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी दी । कलेक्ट्रेट में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री एम एल मेहरा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास एवं डॉक्टर मनीष मिश्रा जिला चिकित्सा अधिकारी जबलपुर की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया- “”
विषय विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अगर जन्म के तुरंत बाद कोलोस्ट्रम यानी पीला गाढ़ा दूध किराए जाता है तो बाल मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर में 22% से अधिक की कमी लाई जा सकती है जबकि बच्चों में स्वास रुकने की बीमारी मलेरिया को 9% तक रोका जा सकता है
अतिसार 15% निमोनिया 18% अन्य बीमारियों में 34% तक की कमी लाई जा सकती है इतना ही नहीं एचआईवी ऐड्स शिवम खसरा जैसे अति संवेदनशील रोगों में 3% तक की कमी लाई जा सकती है क्योंकि 45% मृत्यु का कारण यह सब बीमारियां हैं यह वैश्विक आंकड़ा है
पत्रकारों द्वारा जब यह पूछा गया कि 80% से अधिक संस्थागत प्रसव होने पर लगभग 40% कोलोस्ट्रम फीडिंग होती है इसे रोकने के लिए क्या प्रबंध किए जा रहे हैं – सीएमएचओ जबलपुर द्वारा बताया गया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थाई तौर पर एक काउंसलर की नियुक्ति प्रत्येक ऐसे चिकित्सालय में की गई है जहां प्रसव संपन्न कराया जाता है ।
इतना ही नहीं समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक कार्य किया जाता है और कोलोस्ट्रम फीडिंग को बढ़ावा देने के लिए तथ्यात्मक जानकारी दी जाती है । यह भी बताया गया कि इस वर्ष 1 से 7 अगस्त के बीच संपूर्ण जिले में किशोरी बालिकाओं को भी प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी गई हैं होम साइंस कॉलेज की छात्राएं निजी चिकित्सालयों में भी ब्रेस्टफीडिंग कोलोस्ट्रम फीडिंग कथा एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी देंगी
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि- कोलोस्ट्रम फीडिंग एवं प्रसव के 6 माह तक बच्चे को केवल दूध पिलाने के लिए जन जागरण बेहद आवश्यक है इसका लाभ यह है कि अगर बच्चे के बौद्धिक स्तर को ऊंचा उठाना है उनके आइक्यू लेवल को बढ़ाना है और परिवार की मासिक आय को सुरक्षा प्रदान करनी है तो बच्चों को रोग मुक्त रखना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है अतः किसी भी स्थिति में जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराया जावे ताकि बच्चों में रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो
प्रदेश के अन्य जिलों की सापेक्ष जबलपुर जिले में कोलोस्ट्रम फीडिंग 40% कराई जाती है जिसे शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य है यद्यपि अन्य जिलों की अपेक्षा जबलपुर की स्थिति बेहतर हुई है परंतु अभी और कार्य करने की जरूरत है
निजी नर्सिंग होम जहां पर प्रसव कार्य संपन्न कराए जाते हैं उन पर भी हमारी विशेष कोशिशें जारी रहेंगी ताकि वहां भी 100% कोलोस्ट्रम फीडिंग की जा सके
इस अभियान में प्रौढ़ एवं बुजुर्ग महिलाओं जिन के निर्देशन में प्रसव संबंधी प्रक्रिया संपन्न होती है को भी प्रशिक्षित करने का आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा किया जाता है अब चिकित्सालयों में इसी विशेष रूप से फोकस किया जावेगा ।
कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ दाहिया,स्वस्थ-भारत मिशन के प्रेरक डाॅ सुषमा तायवडे, पोषण प्रेरक कार्यक्रम के योगेश शर्मा , संचालक संभागीय बाल भवन गिरीश बिल्लोरे, सहायक संचालक पुनीत मरवाह, श्री मनीष सेठ श्री एस ए सिद्दीकी सांख्यिकी अधिकारी श्री साहू सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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