लोकसभा चुनाव – मतदान के मद्देनजर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

जबलपुर,लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर 27 अप्रैल की शाम 6 बजे से 30 अप्रैल की सुबह 7 बजे तक जिले भर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने और एक साथ आवाजाही करने को निषिद्ध कर दिया है । इसी के साथ 27 अप्रैल की शाम 6 बजे के बाद जिले की राजस्व सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों के ठहरने की सूचना संबंधित पुलिस थाने को देना होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज, अतिथिगृह और भवन मालिकों के लिए अनिवार्य कर दिया है । श्रीमती भारद्वाज ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश लोकसभा निर्वाचन की प्रक्रिया के दौरान जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा निर्विघ्न, स्वतंत्र और भयमुक्त मतदान सम्पन्न कराने तथा मतदान से पूर्व जिले के बाहर से असामाजिक तत्वों द्वारा जिले में प्रवेश कर गड़बड़ी फैलाने की आशंका को रोकने के उद्देश्य से जारी किया है । जिला दण्डाधिकारी ने आदेश में कहा है कि 27 अप्रैल की शाम 6 बजे से 30 अप्रैल की सुबह 7 बजे तक सार्वजनिक स्थान पर पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्र नहीं हो सकेंगे और आवाजाही नहीं कर सकेंगे । हालांकि उन्होंने घर-घर जाकर प्रचार करने को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है । साथ ही कहा है कि मृत्यु, विवाह आदि सामाजिक प्रयोजनों पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा । श्रीमती भारद्वाज ने प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा है कि होटल, लॉज, धर्मशाला, सराय, अतिथिगृह अथवा किसी भवन या मकान मालिक को 27 अप्रैल की शाम 6 बजे के बाद बाहर से आकर ठहरने वाले हर व्यक्ति के नाम, पता सहित उसके आने के उद्देश्य की जानकारी संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाना को देना होगी । अतिथिगृह, धर्मशाला, सराय, होटल, लॉज आदि के प्रबंधकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां आकर ठहरने वाले लोगों का उपयोग राजनैतिक दलों या अभ्यर्थियों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जायेगा ।जिला दण्डाधिकारी ने प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा है कि अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के प्रचार-प्रसार अभियान हेतु आये ऐसे सभी कार्यकर्त्ताओं को यदि वे उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं तो 27 अप्रैल की शाम 6 बजे के बाद निर्वाचन क्षेत्र को हर हाल में तुरंत छोड़ देना होगा । आदेश के मुताबिक यह प्रतिबंध राजनैतिक दल के उस पदाधिकारी पर लागू नहीं होगा जो राज्य का प्रभारी है एवं राजनैतिक दल द्वारा राज्य मुख्यालय में रहने की जगह घोषित हो । किन्तु ऐसे पदाधिकारी की आवाजाही सामान्य रूप से अपने पार्टी मुख्यालय एवं उनके ठहरने के स्थान के बीच ही सीमित रहेगी । रक्त संबंधी परिजनों जैसे माता-पिता, पत्नी, बच्चे आदि पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा । प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक अभ्यर्थी या राजनैतिक दलों द्वारा 27 अप्रैल की शाम 6 बजे से 30 अप्रैल की सुबह 7 बजे तक मतदाताओं के लिए सामुदायिक रसोईघर की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी । इसी के साथ 27 अप्रैल की शाम 6 बजे से 29 अप्रैल को मतदान की समाप्ति तक किसी भी होटल, आहारगृह, मधुशाला अथवा किसी सार्वजनिक या निजी स्थान में कोई भी स्पिरिटयुक्त, किण्वित या मादक लिकर या ऐसी ही प्रकृति के अन्य पदार्थ के विक्रय करने, परोसने और वितरित करने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है । प्रतिबंधात्मक आदेश में 27 अप्रैल की शाम 6 बजे से 29 अप्रैल को मतदान की समाप्ति तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है ।जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी इस प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा गया है कि इससे व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अंतर्गत उनके न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा । एक पक्षीय पारित किये गये इस आदेश में चेतावनी दी गई कि इसका उल्लंघन भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आयेगा ।

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