यहाँ महज पांच हजार रुपये में मिलती थी महीने भर रेत चोरी की खुली आजादी लेकिन अब ये हो गया

जबलपुर सिहोरा :महज पांच हजार महीना लेकर रेत चोरी को सरंक्षण देने वाले एक थानेदार के ट्रासफर होने का गम रेत माफियो को बहुत ज्यादा सता रहा है अब तो वे कह रहे है की साहब के लाईन हाजिर होते ही रेत का धंधा मंदा हो गया क्योंकि उनके आका के जाने का फरमान आ गया है अब ऐसे में विगत 15 दिनों से इस जुगाड़ में लगे है की नए साहब से कैसे सेटिंग बन पाए क्योकि पुराने साहब का बुलावा तो आ गया है अब जाए की कब कुछ कह नहीँ सकते ऐसे में जुगाड़ फिट करने में लगे रेत माफियों को इंतजार है की नए साहब शायद मान जाए वैसे तो ठंडी सफेद रेत को लेकर माहौल गर्म है क्योंकि लगातार तीन सिपाही व एक थानेदार का ऊपर वालों ने दूसरी जगह बुलावा कर दिया अब रवानगी की देर है इसमें भी कुछ लोग मुहूर्त देख रहे है की शायद इसी बहाने रद्द हो जाये नहीँ तो ऐसी मालदार सीट और कहाँ मिलेगी क्योंकि यहाँ तो बनी बनाई दुकानें है अगली जगह बनाने में समय लगेगा

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