यहाँ पर 8 साल से चल रहा था गंदा खेल ऐसे हुआ खुलासा

जबलपुर :लड़कियों को अपने झांसे में फंसा कर बाहर दूसरे प्रदेश में जाकर बेचने के इस खेल का राज आखिर खुल ही गया पुलिस की मानें तो लड़कियों की पहले मदद कर उनसे दोस्ती बनाई जाती थी और जैसे ही लडकिया इनके जाल में फँसती थी तो उन्हें राजस्थान बेच दिया जाता था शहर में ये घिनोना खेल पिछले आठ वर्ष से चल रहा था । ये सनसनीखेज खुलासा पुलिस की रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने हुआ है। पुलिस की मानें तो सुनीता सहित गिरोह के गुर्गे पिछले आठ वर्ष से मानव तस्करी में लिप्त हैं। सुनीता ही युवतियों को फंसाती थी। वह अलग-अलग क्षेत्रों में किराए से कमरा लेती। फिर आसपास के घरों की सुंदर युवतियों को टार्गेट पर लेती थी। वह उन युवतियों के घर वालों से मेलजोल बढ़ाती और फिर उसका आना-जाना शुरू हो जाता था। इसके बाद वह युवतियों को पार्टी और बड़े समारोह में घुमाने के बहाने ले जाती। फिर अपने जाल में फंसाती थी।
मानव तस्करी में एक और आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार हो गया है शहर की युवतियों को झांसे में फंसाकर और ब्लैकमेल कर राजस्थान में शादी के नाम पर बेचने वाले गिरोह के एक और गुर्गे प्रमोद अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उक्त आरोपी को राजस्थान गयी टीम ने कोटा से दबोचा है। इस प्रकरण में नामजद आरोपियों में सिर्फ बारां निवासी गोलू उर्फ राजेंद्र विजयवर्गीय ही फरार है।
फिर से रिमांड पर लेने की तैयारी
रविवार को राजस्थान गयी टीम रिमांड पर लिए गए चारों आरोपियों को लेकर लौट आयी। सभी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां एक बार फिर टीम उनकी रिमांड लेने की तैयारी में जुटी है। इधर, इस प्रकरण की जांच महिला प्रकोष्ठ के डीएसपी पीके जैन ने भी शुरू कर दी है।
चारों आरोपियों को आज कोर्ट में करेंगे पेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार मानव तस्करी प्रकरण में गिरफ्तार शातिर सरगना न्यू कंचनपुर निवासी सुनीता यादव, उसके बेटे राहुल, युवती शैंकी रैकवार व आनंद को आठ दिन की रिमांड पर लेकर एक टीम राजस्थान गयी थी। राजस्थान के कोटा व बारां जिलों की खाक छानने और वहां बेची गयी कई युवतियों के बयान दर्ज कर टीम रविवार को लौट आयी।
ये है मामला-
अधारताल निवासी 19 वर्षीय युवती के खुलासे से इस मानव तस्करी गैंग का भंडाफोड़ हुआ। युवती को कंचनपुर निवासी सुनीता यादव ने बेटे निखिल, उसकी सहेली शैंकी के माध्यम से पहले उसको जाल में फंसाया। फिर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए कोटा में प्रमोद अग्रवाल और नंदकिशोर के माध्यम से दो लाख में बेच दिया था। ये गिरोह अब तक 30 से अधिक युवतियों को वहां बेच चुका है। नंदकिशोर को धोखाधड़ी के प्रकरण में बारां पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

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