माला के नाम पर पब्लिक को चूना लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय ठग के मुख्य आरोपी सहित तीन अन्य गिरफ्तार दो की तलाश

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सतना( ननकू यादव ): सतना पुलिस के हत्थे एक ऐसा गिरोह चढ़ा है जो की फूलों की माला के नाम पर भोलेभाले लोगों को बेवकूफ़ बनाता रहा इन लोगों द्वारा लगभग 80 लाख की धोखाधड़ी कर लोगो के पैसे लेकर गायब हो जाने बाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए लगभग 10 लाख के मसरुके के साथ फर्जी अर्टीफिशियल गैलरी के मालिक व सहयोगी टाटा सफारी सहित हुये गिरफ्तार फर्जी मोबाईल नंबर, फर्जी वाहन नंबंर जप्त की है

लगभग 200 लोगो हुये शिकार

वहीँ पुलिस अधीक्षक सतना रियाज इकबाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गौतम सोलंकी,नगर पुलिस अधीक्षक श्री बिजय प्रताप सिंह के मार्गनिर्देशन मे थाना प्रभारी सिविल लाइन व थाना प्रभारी देहात के  नेतृत्व मे टीम का गठन किया गया व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये निर्देशित किया गया था फरियादी विजय कुमार व्दिवेदी S/O श्री रामदयाल व्दिवेदी उम्र 48 साल निवासी ग्राम पोडी थाना नागौद हाल महादेवा P.S सिविल लाइन सतना ने रिपोर्ट किया कि दिनांक 9/12/19 को मै गढिया टोला स्थिति आर्टिफिशियल गैलरी के आफिस मे गया वहां राजेश तिवारी मिले जिनके बताये अनुसार मैने दो लाख नगद दिया और उन्होने मुझे 20 पैकेट तुलसी के माला के गुरिया दिये और बोले कि जब तुम माला बनाकर लाओगो तब तुमको तुम्हारे दिये हुए पैसे की रसीद मिलेगी। तब मै दिनांक 16/12/19 को राजेश तिवारी के पास गढिया टोला ऑफिस मे 2000 माला जमा किया तब उन्होने मुझे माला के गुथाई के रूप मे नगदी 20 हजार रूपये दिये एवं मेरे द्वारा जमा किये गये 2 लाख रूपये की रसीद दस- दस हजार की दस रसीद कुल एक लाख रूपये की दिये और बोले कि आज कम्प्युटर खऱाब है, अगले दिन बाकी बचे हुए एक लाख रूपये की रसीद ले लेना। तब दिनांक 17/12/19 को राजेश तिवारी मुझे फोन करके बुलाये बोले कि रसीद ले जाओ।तब मै ऑफिस गया तो पुनः दस दस हजार की दस रसीद कुल एक लाख रूपये की राजेश तिवारी ने मुझे दिया उसके बाद मै अपने घर आ गया। दिनांक 23/12/19 को मै 2000 माला गुथ कर राजेश तिवारी को दिया और राजेश तिवारी ने मुझे 20 हजार रूपये नगद दिया एवं बोला कि और पैसा लगाओ और लोगो को ज्यादा से ज्यादा लाओ तुमको सुपरवाईजर बना दूंगा और 10 प्रतिशत कमीशन दूगा। उसके बाद मे माला बनाता रहा और जब दिनांक 8/01/2020 पुनः आफिस  11.00 बजे दोपर पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला।तब वहां के चौकीदार से पूछा तो उसने बताया कि राजेश तिवारी अपना सारा सामान लेकर कल रात मे ही यहॉ से चले गये है। राजेश तिवारी ने अपने आप को जबलपुर राझी का रहने वाला बताया था और उसके साथ राहुल जैसवाल व आदित्य जिसका सर नेम नही पता रहते थे वो भी माला बनाने की स्कीम लोगो को बताते थे। मेरे अलावा रामसिह परिहार ,राघवेन्द्र सिह ,अरूण अग्निहोत्री ,सीता उपाध्या एवं अन्य बहुत लोगो से इसी तरह का झासा देकर छल कपट पूर्वक राशि जमा कराकर सभी का नगदी पैसा लेकर भाग गया है। रिपोर्ट पर अप.क्र.11/2020 धारा 420,34 ता.हि.कायम कर विवेचना मे लिया गया था।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

1-राजेश तिवारी पिता सीताराम तिवारी उम्र 50 वर्ष नि.ग्राम बथराखुर्द थाना चौबेपुर जिला बाराणसी(उ.प्र.)2-राहुल उर्फ गोपाल मिश्रा पिता छबिनाथ मिश्रा उम्र 27 वर्ष नि. ग्राम इटमा थाना चोलापुर जिला वाराणसी (उ.प्र.)2—दुष्यंत सिंह निवासी धवारी जिला सतना

मैहर में माला की कीमत से सुरु हुई इनकी कालाबाजारी

वहीं पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी राजेश तिवारी ने बताया की हम तीन लोग माह अगस्त—सितम्बर 2019 में मैहर दर्शन करने आये थे, तो यहॉ की माला की दुकान पर माला कर रेट जाना तो कोई माला 60 रुपये कोई 100 रुपये का था, हमारे यहां माला की मंडी ”हड़हा सराय” में है, वहा माला का रेट 5 से 10 रुपये है। तो हमारे दिमाग में आया कि यहा माला का अच्छा रेट है, तो हम खुद क्यू ना बनवाये और ना बेचे। उसके बाद हम तीनो सतना आये, और प्रतिहार होटल में रुके और बगहा जा कर रुम की तलाश किया तो हमें वहा 2500 रु. महीने के किराये में तय हुआ, मकान मालिक ने मेरी आई डी व आधार कार्ड मांगा था लेकिन मैने नही दिया क्योकि मुझे जल्दी ही किसी बड़ी जगह में आफीस बनाना था।

एजेंट बनाने दिया था विज्ञापन

वहीं आरोपी ने यह भी बताया की सितम्बर माह में दैनिक भास्कर में ऐजेन्ट बनाने के लिये विज्ञापन दिया था, विज्ञापन में दिये गये फोन नंबर 8545845641 में लोगो ने मुझसे संपर्क किया और हम लोग लोगों को बगहा का अपने कमरे का पता बताता था, लोग वहां आते थे हम लोग उन्हे 1000 रुपये में 10 माला बनाने के लिये कच्चा माल (गुरुया/धागा) देता था, 10 रुपये प्रतिमाला मजदूरी के तौर पर देता था। लोग पहली बार में जितना पैसा जमा करते थें तो मै तुरंत उनको 10 प्रतिशत देता था। जैसे 1000 जमा करते थे तो 100 रुपये डव्लपमेन्ट कमीशन के तौर पर देता था। लगभग 200 लोग मेरे यहां पैसा जमा किये माला व कच्चा माल (गुरुया/धागा) देता था। उसके बाद जब ज्यादा लोग जुड़ने लगे तो मुझे आफीस बनाने के लिये बड़ी जगह की जरुरत पड़ी, तो मेरे सुपरवाईजर दुष्यंत सिंह से कमरे के संबंध में बात की और मै दुष्यंत सिंह ने मुझे दलजीत सिंह के मकान जो गढ़िया तिराहे पर है लेकर गये, कमरे मेे नौकर से बात हुई नौकर ने मकान मालिक का नंबर दिया, मकान मालिक से बात हुई, तब मकान मालिक आये और 15000 मासिक किराये पर दुष्यंत सिंह के साथ गया जिसका  किराया का इकरारनामा  पुस्पेन्द्र सिंह के नाम से तैयार हुआ था।दुष्यंत सिंह की पत्नी का बगहा के लोगों से अच्छा संपर्क होने से दुष्यंत सिंह मेरे पास 03 लाख रुपये जमा किये और बोले कि दिसम्बर से मुझे ज्यादा का माल दो मै खुद का माल बनवाउगा और बिजनेस करुगा, उसके बाद दुष्यंत सिंह की वजह से सतना शहर के और लोग जुड़ते गये और पैसा जमा करते गये, और माले का कच्चा माल लेते गये। माला की गुरिया मै हड़हा सराय बनारस से ट्रेन के माध्यम स्वंय जा कर ले आता था, और स्टेशन से आटो में लेकर बगहा के रुम आता था।मेरे पास 01 अल्टो कार जिसका नंबर एमपी 09 एच ई 1357 थी वो कार आदित्य राज की थी जो मेरे साथ मुम्बई मे था, आदित्य राज कम्प्यूटर का अच्छा जानकार था, तो फोनकर के बुलाया था, और मैने कहा अर्टीफिशियल गैलरी के नाम से रशीद बनाना है, तो वह सतना आकर कम्प्यूटर से बिलिंग साफ्टवेयर से रसीद बनाया और 20 दिन मेरे साथ रहा, और उसके बाद अपनी गाड़ी लेकर मुम्बई चला गया, आदित्य को 2000 प्रतिदिन देता था।हमारे पास 01 सफारी गाड़ी थी, जिसका कलर नीले रंग का था, जिसका नंबंर एमपी 09 सीडी 0371 था, गाड़ी गोपाल मिश्रा की है। मेरे साथ मेरे कमरे में पवन सिंह, आदित्य राज, और गोपाल सिंह रहते थे।मेरे द्वारा सतना में रहने के दौरान मेरे व मेरे किसी भी साथी ने अपना ओरिजनल मोबाईल नंबर व पहचान हेतु कोई भी दस्तावेज का प्रयोग नही किया गया, और मेरे साथियों ने वाहनो मे नबंर का जो प्रयोग किया वो भी फर्जी था। आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिये नाम बदल के रखा था। जिससे हमारे बारे में किसी भी को पता ना चले।  *फरार अभियुक्तगण :—*
1.पवन सिंह पिता स्व. शिवाधार सिंह निवासी ग्राम बथराखुर्द थाना चौबेपुर जिला बाराणसी (उ.प्र.)
2.आदित्य राज ठाकरे निवासी रत्नागिरी महाराष्ट्र *अपराधिक रिकार्ड :—*
राजेश कुमार तिवारी के उपर थाना घाटकोपर महाराष्ट्र में 02 अपराध — धारा 406,409,420, 120 (बी) 34 भादवि. व अन्य धारा के पंजीद्ध होकर विकरोली न्यायालय में विचाराधीन है। *बरामदगी का विवरण :—*
1- नीले कलर की सफारी गाडी क्र.यू.पी.63 टी 7914, जिसमे एक फर्जी नम्बर प्लेट क्र.एम.पी.09 सीडी 0371 मिली है।
2. 04 नग मोबाईल फोन
3. 01 सोने की चैन लगभग 95 हजार
4. 03 अंगूठी लगभग 1 लाख 50 हजार
5. 01 ब्रेसलेट लगभग 1 लाख 30 हजार
6. अन्य जरुरी दस्तावेज

इनकी रही सराहनीय भूमिका

वहीं इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में निरी.अर्चना व्दिवेदी थाना प्रभारी, उपनिरी.एन.एन.मिश्रा,उनि.रीना सिंह थाना सिविल लाइन सतनाउपनिरी.भूपेन्द्रमणि पाण्डेय थाना देहात नादन,उपनिरी.अजीत सिंह साइबर सेल सतना,प्र.आर.दीपेश साइबर सेल सतना,आर.223 संदीप तिवारी व आर.381 अजीत सिंह थाना सिविल लाइन सतना और विपेन्द्र मिश्रा साइबर सेल का सराहनीय योगदान रहा। 

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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