भैस के तबेलों में प्रसासन की दबिश

दो डेयरियों के विरूद्ध दर्ज होगी एफआईआर

चार डेयरियों से 30-30 हजार रूपये अर्थदंड वसूला गया

जबलपुर, जिला प्रशासन द्वारा दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच की आज से शुरू की गई मुहिम के तहत जहां दो डेयरियों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संबंधित विभाग को दिये गये वहीं गंदगी पाई जाने पर चार डेयरियों से 30-30 हजार रूपये का अर्थदंड भी वसूला गया है । आज की गई आकस्मिक जांच में एक भी दूध डेयरी में गंदगी के निपटान के लिए ईटीपी (ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं पाया गया । कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज के निर्देश पर दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच की कार्यवाही का नेतृत्व आज अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग ने सम्हाला । अपर कलेक्टर के नेतृत्व में परियट और कंदराखेड़ा स्थित डेयरियों की आकस्मिक जांच में सूरज बनारसी डेयरी में गंदगी के साथ-साथ ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन भी पाये गये । इस दूध डेयरी में दुधारू पशुओं के बीच उचित दूरी नहीं रखे जाने के पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों का पालन भी नहीं किया जा रहा था । यहां दुधारू पशुओं के अनुपात में बछड़ों की संख्या भी काफी कम पाई गई । अपर कलेक्टर ने इन कमियों के मद्देनजर सूरज बनारसी डेयरी पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दिये । दूध डेयरियों के खिलफ दूसरी बड़ी कार्यवाही कंदराखेड़ा में सतपाल डेयरी पर की गई है । सूरज बनारसी डेयरी की तरह यहां भी गंदगी के बीच दुधारू पशुओं को रखा जाना पाया गया । सतपाल डेयरी में बिना रैपर लगे ऑक्सीटोसिन के लगभग 30 इंजेक्शन पाये गये थे जिन्हें जप्त कर लिया गया । सतपाल डेयरी में बच्चों से श्रमिक तौर पर काम लिया जा रहा था । अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग ने सतपाल डेयरी पर भी पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये । वहीं इस डेयरी पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का प्रकरण भी दर्ज किया जा रहा है । अपर कलेक्टर के नेतृत्व वाले इस दल में संयुक्त कलेक्टर नम:शिवाय अरजरिया, एसडीएम अधारताल आशीष पाण्डे, तहसीलदार राजेश सिंह तथा नगर निगम, पशुपालन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी शामिल थे । इस दल ने परियट स्थित भोला डेयरी, कंचन डेयरी और रोहित डेयरी की भी आकस्मिक जांच की । रोहित डेयरी और भोला डेयरी में गंदगी पाये जाने पर नगर निगम एक्ट के तहत 30-30 हजार रूपये का अर्थदंड भी दल द्वारा वसूला गया । आकस्मिक जांच में कंचन डेयरी का डायवर्सन भी नहीं पाया गया । डेयरी संचालक द्वारा रेल्वे की भूमि का अनाधिकृत रूप से इस्तेमाल करना भी पाया गया । यहां डेयरी संचालक से वो वीडियो फुटेज भी जप्त किये गये जिसमें ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के इसतेमाल किये जाने के सबूत हैं ।
परियट कंदराखेड़ा क्षेत्र के अलावा एसडीएम गोरखपुर मनीषा वास्कले के नेतृत्व वाले दल ने आज ललपुर स्थित ओझा एवं भावनी डेयरी तथा बहदन स्थित शहादब अली डेयरी एवं छीतापार स्थित आनंद डेयरी का आकस्मिक निरीक्षण किया । जांच की कार्यवाही में चारों डेयरियों मे ट्रीटमेंट प्लांट नहीं पाये गये । वहीं आनंद डेयरी में एक बछड़ा मृत पाये जाने पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण तैयार किया जा रहा है । एसडीएम गोरखपुर के मुताबिक आज उनके क्षेत्र की जिन चार डेयरियों की जांच की गई उन सभी को दूध के दाम बढ़ाकर पब्लिक न्यूसेंस पैदा करने का नोटिस भी दिया गया है ।
कलेक्टर के निर्देश पर दूध डेयरियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही में एसडीएम रांझी जे.पी. यादव के नेतृत्व में गठित दल ने भी आज तिलहरी और गौरेय्याघाट स्थित चार दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच की । इन डेयरियों में तिलहरी स्थित पसरीचा डेयरी और रज्जाक डेयरी तथा गौरेय्याघाट स्थित गोलू डेयरी एवं अख्तर डेयरी शामिल है । जांच में इन चारों डेयरियों से डेयरी से निकलने वाली गंदगी के निपटान के लिए ईटीपी (ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं पाये गये । एसडीएम रांझी जे.पी. यादव के मुताबिक उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत मनमाने करीके से दूध के दाम बढ़ाने के लिए नोटिस जारी किये गये हैं । श्री यादव ने बताया कि उनके द्वारा दूध डेयरी के वितरण केन्द्रों की जांच भी की गई । इनके अलावा एसडीएम गोरखपुर मनीषा वास्कले द्वारा दूध के दो फुटकर विक्रेताओं हाथीताल स्थित जनता डेयरी और दशमेश द्वार स्थित पूजा डेयरी की भी आकस्मिक जांच की गई ।

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