बाल श्रम एवं किशोर अधिनियम तहत गठित टॉस्क फोर्स की बैठक में,
जिला पंचायत सीईओ ने दिये ये निर्देश

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जबलपुर :जिले को बाल श्रम से मुक्त कराने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए आज संपन्न हुई बैठक में जिला पंचायत के सीईओ प्रियंक मिश्रा ने होटल, रेस्टारेंट, ढाबे, ईंट भट्टा एवं स्टोन क्रेशर जैसे उन स्थानों पर आकस्मिक जाँच करने के निर्देश श्रम विभाग के अधिकारियों को दिये हैं जहां बाल श्रमिक पाये जाने की संभावनायें ज्यादा होती हैं ।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में सीईओ श्री मिश्रा ने बाल श्रम को रोकने जन जागरूकता पैदा करने की जरूरत बताते हुए बाल श्रम एवं किशोर अधिनियम के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की जरूरत भी बताई । बैठक में जबलपुर जिले को बाल श्रम मुक्त घोषित करने किये जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई । इस अवसर पर बच्चों से भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार शिविरों का आयोजन करने एवं ऐसे बच्चों के पुनर्वास पर जोर दिया गया ।


बैठक में चाइल्ड लाइन संगठन द्वारा बाल श्रम रोकने किये जा रहे प्रयासों की सराहना भी की गई । बताया गया कि चाइल्ड लाइन संगठन द्वारा इस वित्तीय वर्ष के दौरान अभी तक करीब पांच सौ बच्चों को बाल श्रम, भिक्षावृत्ति अथवा गुमशुदगी से मुक्त कराकर उनके अभिभावकों को सुपुर्द किया गया है ,बैठक में जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. मनीष पाण्डे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास एम.एल. मेहरा, सहायक श्रम आयुक्त जे.एस. उद्दे, विधिक सेवा अधिकारी प्रदीप ठाकुर, केन्द्र शासन के सहायक श्रमायुक्त श्री तिवारी, सहायक श्रम अधिकारी के.पी. कस्तोर, विशेष पुलिस इकाई एवं महिला अपराध शाखा के अधिकारी भी मौजूद थे ।  बैठक के प्रारंभ में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान बाल श्रम एवं किशोर अधिनियम का पालन सुनिश्चित कराने की गई कार्यवाही की बिन्दुवार जानकारी दी गई तथा पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई ।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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