बाल विवाह की स्थिति में सेवा प्रदाता भी होंगे सजा के भागीदार

2 वर्ष का कारावास और 2 लाख रूपए के जुर्माना का प्रावधान

जबलपुर :अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाहों की आशंकाओं के मद्देनजर जनसामान्य से अपील की गई है कि बाल विवाह को रोकना एवं इसे हतोत्साहित करना हर समझदार और कानून प्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है । बाल विवाह में सहयोग करने वाले व्यक्ति को सेवा प्रदाता मानते हुए उस पर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दो वर्ष के कारावास अथवा दो लाख रूपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है ।
बाल विवाह के रोकथाम की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं । जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने समस्त धर्मगुरूओं से आग्रह किया है कि वे विवाह पूर्व बालक-बालिकाओं के आयु का सत्यापन अवश्य कर लें । विवाह होने वाले बालक-बालिकाओं की आयु मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, चर्च के सूचना पटल पर अवश्य लिखें । सेवा प्रदाता जैसे प्रिंटिंग प्रेस, टेंट हाउस, शादी गार्डन, धर्मशाला, बैंडबाजा वाले, हलवाई, नाई, ब्यूटीपार्लर सहित दुकानदारों से भी अपील की गई है कि विवाह कार्यक्रम से पूर्व बालक-बालिकाओं के आयु का सत्यापन अवश्य कर लें ।
किसी भी प्रकार के बाल-विवाह की सूचना होने पर जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता, पुलिस कंट्रोल रूम आदि में इसकी सूचना तत्काल दी जाए । संपर्क हेतु दूरभाष क्रमांक 0761-2623838 एवं पुलिस कंट्रोल रूम 0761-2676102 पर भी सूचना दी जा सकती है ।

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