बाल भवन की छात्राओं द्वारा सैनिकों के नाम पत्र में रक्षा सूत्र स्वीकार करने की मार्मिक अपील

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जबलपुर, संभागीय बाल भवन की छात्राओं ने सरहद में तैनात सैनिकों के लिए रक्षा सूत्र तैयार कर भेजा है । सैनिकों के नाम खुले पत्र में छात्राओं ने ससम्मान भेजे गए रक्षा सूत्र को स्वीकार करने की मार्मिक अपील की है । सहायक संचालक गिरीश बिल्लौरे ने बताया कि छात्राओं ने फौजी भाइयों के नाम लिखे पत्र में कहा है कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिये आपका संघर्ष, त्याग और तपस्या से हम भारतवासी स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं । आप देश की सीमा और वतन की रक्षा के लिये तपस्वियों जैसे बनकर सीमा पर तैनात रहते हैं, जिसकी कल्पना से भी हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं । ऐसी विषम परिस्थितियों में रहकर आप भारत माता की रक्षा करते हैं, हमें सुरक्षित करते हैं । आप सबके प्रति भारत के बच्चे-बच्चे में अगाध स्नेह एवं सम्मान का भाव है । बाल भवन एक ऐसा संस्थान है जहां सभी बच्चों को संगीत कला आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है । इन्हीं बच्चों द्वारा अपनी भावनाएं एवं आपके प्रति सम्मान एवं अनोखा रिश्ता कायम करने के उद्देश्य से राखियां बनाकर भेजी हैं, इतना ही नहीं बाल संप्रेषण गृह के बच्चों ने भी आप तक पहुंचाने के लिये राखियां बनायी हैं ।बाल भवन में श्रीमती विजय लक्ष्मी अय्यर “आजाद हिन्द सेनानी दम्पत्ति” की बेटी भी कार्यरत है । उन्होंने भी रक्षा सूत्र भेजा है । कला प्रशिक्षक डॉ. रेणु पांडेय तथा उनकी कक्षा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों ने भी आपको राखियां भेजी हैं । साथ ही डॉ. शिप्रा सुल्लेरे संगीत प्रभाग की प्रभारी, मीना सोनी, सीता देवी ठाकुर एवं पद्मावती केवट भी रक्षा सूत्र भेज रही हैं । मैने सबके रक्षा सूत्र एक साथ मिला दिये हैं, क्योंकि आखिर “भारत भी तो एक है ना” । फौजी भाइयों के नाम संबोधित यह पत्र उनकी कुशलता, सुरक्षा व समृद्धि की शुभकामनाओं के साथ भेजा गया है ।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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