पॉक्सो एक्ट के तहत लैंगिक दुरूपयोग व असुरक्षित स्पर्श पर है कड़ी सजा का प्रावधान 

जबलपुर : लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बालक और बालिकाओं का लैंगिक दुरूपयोग जघन्य अपराध है, इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है।असुरक्षित स्पर्श को पहचानें और इसका विरोध करें। यदि किसी को कोई शरीर की चार जगहों मुंह, छाती, टांगों के बीच में एवं पीछे नितम्ब में स्पर्श करता है, जिससे असुरक्षित होने का भाव आए और गंदा महसूस हो तो ये असुरक्षित स्पर्श है, इसका खुलकर विरोध करें। चाइल्ड लाइन 1098 पर शिकायत करें। साथ ही जिला महिला सशक्तिकरण या बाल संरक्षण अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के दूरभाष नंबर 0761-2623838 पर मदद के लिए संपर्क करें।स्कूल में इस प्रकार की घटना होने पर शिक्षकों और अपने माता-पिता को अवगत कराएं। साथ ही आसपास के लोगों को शोर मचाकर इकट्ठा करना चाहिए। ताकि इस प्रकार के कृत्य में लिप्त रहने वाले की पहचान हो सके और उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा सके। बालक-बालिकाओं को समझाईश दी गई है कि असुरक्षित स्पर्श करने वाला जान-पहचान वाला या रिश्तेदार, पड़ोसी, टीचर कोई भी हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि वो आपको लालच देकर या डरा, धमकाकर ऐसा कर रहा हो, यदि ऐसा है तो तुरंत इसका विरोध करें। पॉक्सो एक्ट के तहत असुरक्षित स्पर्श करना दण्डनीय अपराध है।
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