पहली पेशी में ही किया भरण-पोषण अधिनियम के दो प्रकरणों में फैसला

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जबलपुर :एसडीएम गोरखपुर आशीष पाण्डे ने आज माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम के दो अलग-अलग मामलों का पहली पेशी में ही निराकरण कर दो वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की है ।
श्री पाण्डे ने भरण-पोषण अधिनियम के पहले प्रकरण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नव निवेश कालोनी गंगानगर के 84 वर्षीय गुलाब चंद साहू अपने पुत्रों द्वारा की जा रही उपेक्षा से काफी समय से दुखी और परेशान थे । श्री साहू ने इस बारे में सीधे एसडीएम को आवेदन प्रस्तुत किया था ।
श्री पाण्डे ने बताया कि इस मामले में आज पेशी निर्धारित की गई और गुलाब चंद साहू एवं उनके चारों पुत्रों छोटेलाल साहू, विनोद, राजेन्द्र और संजू साहू को बुलाया गया । पेशी पर उपस्थित चारों पुत्रों को अपने पिता की देखभाल करने की समझाईश दी गई और उन्हें कानून का भय भी दिखाया गया । आखिर समझाईश का असर चारों पुत्रों पर पड़ा । उनहोंने एसडीएम की सलाह पर हर माह 1500-1500 और कुल 6 हजार रूपये अपने पिता को खर्च के लिए देने पर सहमति जताई । श्री पाण्डे ने बताया कि मामले में एक और मोड़ तब आया जब पिता की देखभाल हेतु पास में रखने पुत्रों में मतभेद पैदा हो गया । आखिर परंपराओं और रीति रिवाजों का हवाला देते हुए ज्येष्ठ पुत्र छोटेलाल साहू को पिता को अपने पास रखने की जिम्मेदारी एसडीएम कोर्ट ने दी ।
एसडीएम गोरखपुर ने बताया कि माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम का दूसरा मामला गौतम की मढ़िया के सामने मकान नंबर 1207 में रहने वाली श्रीमती गेंदा बाई सोनी का था । गेंदा बाई सोनी के इस मकान पर उसके पुत्र कुलदीप सोनी ने अवैध रूप से कब्जा जमा लिया था । श्रीमती सोनी ने पुत्र के कब्जे से मकान वापस दिलाने की गुहार एसडीएम कोर्ट में लगाई । आज इस मामले पर भी पेशी तय की गई । डांट-फटकार और समझाईश के बाद पुत्र मकान खाली करने पर राजी हो गया और शाम तक उसने मकान खाली भी कर दिया । मकान खाली होने की पुष्टि एसडीएम आशीष पाण्डे ने श्रीमती गेंदाबाई सोनी से चर्चा कर भी की ।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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