पत्रकार पर हमले को लेकर चुप क्यों है मीडिया के बड़े दिग्गज

दमोह पटेरा //मीडिया जगत में लगातार पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं कलम को दबाने की कोशिशें की जा रही है”आज मीडिया जगत में लगातार पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं कलम को दबाने की कोशिशें की जा रही है
पत्रकार ही समाज को आईना दिखाने का काम करता है जो अपनी जान जोखिम में डालकर कलम के सहारे समाज मे हर जातिवाद,पूजींवाद, सामंतवादी,विचारधाराओं की दृष्टिकोण के भावनाओं को दूर रखकर समाजवादी उदारवादी, आचरण की भावनाओं का समाज मे अहम संदेश जनता तक अपनी कलम के माध्यम से पहुंचाता हैऔर उसे अपना कर्तव्य समझ अपनी ईमानदारी से जनता के बीच रह कर पूरा करता है। कमजोर वर्गों की दबी आवाज को सरकार तक पत्रकार अपनी कलम के सहारे से पहुंचाता है।
जनता की समस्याओं के निवारण का एक स्रोत बनकर पत्रकार उभरता है। बही पत्रकारों पर हमले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है लेकिन इन मामलों में पत्रकार जगत के बड़े दिग्गज चुप्पी क्यों साध रखे है यह बात समझ के परे है ताजा मामला दमोह ज़िलें की जनपद पंचायत पटेरा से मामंला प्रकास मे आया है जहा खबर प्रकाशित करने पर पत्रकार के साथ मारपीट की गई है उल्लेखनीय है पटेरा जनपद पंचायत में पदस्थ लिपिक सुदीप्ति खरे एवं उनके सहयोगी बाबू महेंद्र कोरी ने की पत्रकार दैनिक भास्कर संवाददाता उपेंद्र प्यासी के साथ मारपीट की आज भास्कर में संवाददाता ने सुदीप्ति खरे के कारनामो की खबर प्रकाशित की थी जिसमें वह लिपिकीय कार्य छोड़ कर पंचायतों का भ्रमण कर रही है भास्कर संवाददाता उपेंद्र प्यासी ने बताया कि जनपद पंचायत पटेरा में सीईओ राज धर पटेल ने जनपद पंचायत पटेरा में बुलाया उनके चेंबर से निकलते हैं सुदीप्ति खरे और महेंद्र बाबू ने उन पर हमला कर दिया उक्त मांमले मे संवाददाता ने थाना प्रभारी पटेरा को लिखित आवेदन देकर कार्यबाही की मांग की है बही पुलिस ने मामला जांच मे लिया

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