पति ने देख लिया था प्रेमी के संग तो पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी थी पति की हत्या

थाना मझोली मे हुई अंधी हत्या का 24 घंटे के अंदर पुलिस ने किया खुलासा
जबलपुर ,पुलिस ने मंझोली में हुए अंधे हत्याकांड की गुथ्थी महज 24 घँटे के अंदर सुलझाते हुए पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी और शव को सूखी नहर में फेंक दिया था इसी अंधे हत्याकांड की गुथ्थी को सुलझाते हुए जबलपुर एसपी निमिष अग्रवाल द्वारा कंट्रोल रूम में पत्रकार वार्ता आयोजित कर पूरे हत्याकांड के मामले को उजागर किया गया मामला कुछ इस प्रकार है थाना मझोली में दिनॉक 25-4-19 को पंचम लाल रजक उम्र 70 वर्ष निवासी सुनवानी ने सूचना दी थी कि उसके 3 बेटे है 2 बेटे बाहर रहते है उसका छोटा बेटा केशरीनंदन रजक उम्र 41 वर्ष गॉव मे रहता था, दोपहर 12 बजे नातिन ने बताया कि नहर मे कोई पडा है उसने जाकर देखा तो गॉव के बाहर सूखी नहर में उसका छोटा बेटा केसरीनंदन रजक मृत अवस्था मे पडा था। पंचनामा कार्यवाही कर शवों को पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर जांच में लिया गया। दौरान जाचं के मृतक केसरीनंदन के पिता पंचम लाल रजक ने बताया कि उसका बेटा केसरीनंदन ड्राईवरी करता था, बेटे की अनुपस्थिति मे पिछले कई माह से एक लडका उसकी बहु से मिलने आता है, जिस पर उसे संदेह है। मृतक की पत्नि श्रीमति अन्नो बाई रजक उम्र 38 वर्ष से पूछताछ की गयी तो मृतक की मृत्यु के सम्बंध में जानकारी न होना बताते हुये बताया कि कोई मिलने नहीं आता है,। प्राप्त पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा गला दबाने के कारण श्वांस अवरूद्ध होने से मृत्यु होना लेख किया गया जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
ऐसे हटा हत्याकांड से पर्दा

वहीँ मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान जबलपुर निमिष अग्रवाल (भा.पु.से) द्वारा पतासाजी कर शीघ्र आरोपी की गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. राय सिंह नरवरिया के मार्गदर्शन में एस.डी.ओ.पी. सिहोरा, भावना मरावी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी, टीम द्वारा संदेही मृतक की पत्नि श्रीमति अन्नो बाई रजक से मिले तथ्यों के आधार पर पुनः सघन पूछताछ की गयी तो अपने प्रेमी ललित केवट निवासी रैपुरा थाना पनागर के साथ मिलकर पति की गमछे से गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया, ललित केवट उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रैपुरा थाना पनागर को सरगर्मी से तलाश कर अभिरक्षा में लेते हुये सघन पूछताछ की गयी जिस पर पाया गया कि मृतक की पत्नि अन्नो बाई के पिछले कई माह से ललित केवट से अवैध सम्बंध थे, मृतक की अनुपस्थिति में ललित केवट अन्नो बाई के घर जाता था, दिनॉक 24-4-19 को जब केशरीनंदन घर पर नहीं था, दोपहर में अन्नो बाई ने फोन कर ललित केवट को घर पर बुलाया था, रात लगभग 12 बजे केशरीनंदन अचानक घर पहुंचा, एवं पत्नि के साथ ललित केवट को देख लिया तथा पत्नि एवं ललित केवट के साथ मारपीट करने लगा, पत्नि के यह कहने पर कि अब इसका जिंदा रहना ठीक नहीं है, ललित केवट ने केशरीनंदन को जमीन पर पटक दिया तथा पत्नि एवं ललित केवट ने मिलकर गमछे से गला घोंटकर केशरीनंदन की हत्या कर दी तथा घटना को छिपाने के लिये ं ललित ने केशरीनंदन रजक के शव को पीठ मे लादकर घर के पीछे के रास्ते से घर से कुछ ही दूरी पर सूखी नहर में ले जाकर डाल दिया। मर्ग जांच पर अज्ञात के विरूद्ध दिनॉक 26-4-19 को अपराध क्रमांक 151/19 धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर श्रीमति अन्नो बाई रजक उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम सुनवानी थाना मझोली एवं ललित केवट उम्र 22 वर्ष निवासी रैपुरा थाना पनागर को अभिरक्षा में लेते हुये प्रकरण विवेचना मे ंलिया गया।

महत्चपूर्ण भूमिका- अंधी हत्या के खुलासे में एस.डी.ओ.पी. सिहोरा भावना मरावी के नेतृत्व में थाना प्रभारी मझोली जी.एस. जगेत उनि निरीक्षक एन.आर. सिन्हा, प्रधान आरक्षक जगदीश चढार, आरक्षक विजय डेहरिया, नीलेश राजपूत, हेन सिंह, जितेन्द्रं राय, गोविंद, विजय सनोडिया, महिला आरक्षक कल्पना खरे, एवं सायबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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