न्यायालय में बहस कैसे करना चाहिए – जस्टिस श्री विशाल धगट

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जबलपुर :अभियोजन अधिकारियों के सर्वांगीण विकास एवं कार्यदक्षता में वृद्धि हेतु एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज पुलिस कंट्रोल रूम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री विशाल धगट की उपस्थिति में किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में जस्टिस श्री एसएल कोचर, उप महाधिवक्ता श्री प्रवीण दुबे, अपर सत्र न्यायाधीश एवं सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण शरद भामकर, कलेक्टर श्री भरत यादव, पुलिस अधीक्षक अमित सिंह, सचिव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन मनीष तिवारी, सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन आरएन श्रीवास्तव एवं सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन सुधीर साहू उपस्थित रहे। कार्यशाला में जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, मण्डला, डिंडौरी एवं जबलपुर के वरिष्ठ अभियोजन अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री विशाल धगट ने मां सरस्वती के तैलचित्र के सामने दीप प्रज्जवलित कर किया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री विशाल धगट ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय दिलाने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को मिनिस्टर ऑफ जस्टिस कहा। न्यायमूर्ति श्री धगट ने कहा कि कोई निर्दोष को सजा न हो। अभियोजन अधिकारियों को निष्पक्ष व स्वतंत्र होकर कार्य करना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों को टेक्नोलॉजी एवं विज्ञान की जानकारी होना चाहिए। केस के तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए।
जस्टिस श्री एसएल कोचर ने भी सत्र विचारण से संबंधित विधिक प्रावधान पर अपने विचार व्यक्त किए। उप महाधिवक्ता श्री प्रवीण दुबे ने अंतिम तर्क एवं अपील/रिवीजन के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए बताया कि अभियोजन अधिकारियों को एकलव्य जैसे सतत् सीखना चाहिए। अदालत में सही तथ्यों को रखना चाहिए और हमेशा सकारात्मक रहना चाहिए। अपर सत्र न्यायाधीश एवं सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण शरद भामकर ने साक्ष्य प्रस्तुतिकरण एवं ट्रायल प्रोग्राम पर विचार व्यक्त किए। सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन आरएन श्रीवास्तव ने सत्र प्रकरणों में ब्रीफ बनाना, आरोप तर्क एवं प्रकरणों की स्क्रूटनी के संबंध में परिचर्चा कर अपने विचार व्यक्त किए। सेवानिवृत्त उप संचालक अभियोजन सुधीर साहू ने पाक्सो एक्ट के विधिक प्रावधानों पर परिचर्चा कर अपने विचार व्यक्त किए। सचिव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन मनीष तिवारी ने संप्रेषण कला, प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता समूह, प्रबंधन कौशल पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर भरत यादव ने कहा कि जब से पाक्सो एक्ट में अभियोजन अधिकारियों द्वारा पैरवी की जा रही है तब से जिले में सजा का प्रतिशत बढ़ा है। कार्यशाला में एसपी अमित सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला का संचालन करते हुए प्रभारी उप संचालक अभियोजन एवं जिला अभियोजन अधिकारी श्री शेख वसीम ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया। कार्यशाला का आयोजन महानिदेशक लोक अभियोजन भोपाल पुरूषोत्तम शर्मा के निर्देशन पर किया गया।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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