न्यायालय में नेशनल लोकअदालत ,निराकृत हुए कुल 5996 प्रकरण, 15 करोड़ 59 लाख 26 हजार 672 रूपये का अवार्ड हुआ पारित

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जबलपुर :माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीष महोदय श्री संजय शुक्ला के मार्गदर्षन में जिला न्यायालय जबलपुर, तहसील न्यायालय सिहोरा, पाटन एवं कुटुम्ब न्यायालय जबलपुर में दिनांक 08 फरवरी 2020, शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक नेशनल लोक अदालत में कुल 5996 प्रकरणों का निराकरण करते हुये 15 करोड़ 59 लाख 26 हजार 672 रूपये का अवार्ड पारित हुआ।प्रकरणों के निराकरण के लिये कुल 75 खण्डपीठों का गठन किया जाकर न्यायालयों में लंबित 991 प्रकरणों एवं 5005 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। उक्त लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकृति के 95 प्रकरण, धारा 138 एन.आई.एक्ट के 162 प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 389 प्रकरण, विशेष विद्युत न्यायालयों में लंबित विद्युत के 120 प्रकरण, पारिवारिक मामलों के 91 प्रकरण, सिविल मामलों के 49 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस लोक अदालत में धारा 138 एन.आई.एक्ट में 01 करोड़ 43 लाख 05 हजार 417 रूपए के समझौता राशि के निर्णय किये गये, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के प्रकरणों में 10 करोड़ 08 लाख 87 हजार 700 रूपए के अवार्ड राशि पारित की गई। विद्युत के न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में 13 लाख 89 हजार 504 रूपए की राजस्व वसूली हुई तथा विद्युत के प्रीलिटिगेशन के 636 निराकृत प्रकरणों में 74 लाख 578 रूपए की राजस्व वसूली हुई। इसी प्रकार बैंक रिकवरी के 152 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में निराकरण पश्चात 21 लाख 58 हजार 547 रूपए की समझौता राशि लोक अदालत में प्राप्त हुई। इस प्रकार इस नेशनल लोक अदालत में कुल 5996 प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 15 करोड़ 59 लाख 26 हजार 672 रूपये की समझौता राशि के अवार्ड पारित किए जाकर 7427 पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से लाभांवित किया गया।
विशेष – इस लोक अदालत में निम्न प्रकरण उल्लेखनीय रहे है-1) न्यायालय श्रीमती अनुराधा शुक्ला, प्रधान न्यायाधीष कुटुंब न्यायालय के न्यायालय में प्रकरण क्र. 95/2020 में पति पत्नि के द्वारा आपसी मतभेद के कारण धारा 127 दंप्रसं0 के प्रकरण में दंपत्ति 60 वर्ष एवं 58 वर्ष की आयु के थे। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के समक्ष उक्त दंपत्ति द्वारा अपने आपसी मतभेदो को भुलाकर उन्हें दाम्पत्य जीवन के कर्तव्यो का सौहार्दपूर्ण तरीके से निर्वहन करने का वचन देते हुए राजीनामा किया जिसपर दंपत्तियो ने एक दूसरे को फुलमाला पहनाई एवं हंसी खुषी विदा हुए।

2) न्यायालय श्रीमती सांहगी दुग्गल, जेएमएफसी की खण्डपीठ में घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत 05 प्रकरण में खण्डपीठ के पीठासीन न्यायाधीष एवं सदस्यों की समझाईष देने के कारण पत्नि ने पति के साथ रहने का फैसला लेते हुये अपना प्रकरण वापस लिया। जोड़ो को माला पहनाकर हंसी खुषी विदा किया गया।3) लोकोपयोगी सेवाओं की लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी श्री शरद भामकर के समक्ष बीएसएनएल कंपनी के कुल 425 ऋण वसूली प्रकरण प्रस्तुत किए गए जिसमे 11 प्रकरणो मे निराकरण किया जाकर राषि वसूली गई।4) इस लोक अदालत मे अचानक मुख्य न्यायाधिपति माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार मित्तल, न्यायमूर्ति श्री संजय यादव, न्यायमूर्ति श्री सुजॉय पॉल के साथ जिला सिविल न्यायालय पहुंचे तथा उन्होने घूमकर विभिन्न न्यायालयो मे उपस्थित पक्षकारो को राजीनामा हेतु प्रोत्साहित किया। यह जिला सिविल न्यायालय जबलपुर के लोक अदालत का ऐतिहासिक क्षण रहा। इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ जबलपुर के पदाधिकारीगण भी साथ मे रहे तथा उन्होने अपने बीच माननीय न्यायाधिपति महोदय को पाकर उनका धन्यवाद अदा किया एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। इस प्रकार उक्त नेशनल लोक अदालत में अधिवक्ताओं के सहयोग से पक्षकारों ने आपसी समझौते के आधार पर बड़ी संख्या में अपने प्रकरणों का निराकरण करवाते हुये लाभ प्राप्त किया।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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