न्यायालयीन प्रकरणों की प्रस्तुति एवं जांच में लापरवाही बरतने पर उप निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक को निंदा की सजा

जबलपुर : न्यायालयीन प्रकरणों की प्रस्तुति में जांच एवं अभियोजन स्तर पर लापरवाही और जानबूझकर विद्वेषपूर्ण विवेचना के कारण न्यायालय से प्रतिकूल निर्णय होने पर विवेचक उप निरीक्षक और प्रधान आरक्षक के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक द्वारा निंदा की सजा से दंडित किया गया है।अपर जिला दण्डाधिकारी हर्ष दीक्षित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम शिवेश सिंह बघेल और जिला लोक अभियोजन अधिकारी वसीम खान की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट में हुई जिला स्तरीय बैठक में विवेचकों द्वारा लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए निंदा की सजा पर बैठक में संतोष व्यक्त किया गया।
समिति की बैठक में बताया गया कि सुश्री शक्ति वर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में प्रचलित दांडिक प्रकरण के विवेचना में तत्कालीन विवेचक प्रधान आरक्षक भगत सिंह थाना घमापुर द्वारा बरती गई लापरवाही से आरोपी के दोषमुक्त हो जाने के कारण पुलिस अधीक्षक ने विवेचक को निंदा की सजा से दंडित किया है। वहीं एक अन्य मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुश्री नुरून निशा अंसारी के न्यायालय में प्रचलित दांडिक प्रकरण में तत्कालिक विवेचक उप निरीक्षक बीएल बट्टी थाना अधारताल (अब सेवानिवृत्त) द्वारा विवेचना में लापरवाही बरतने की वजह से आरोपी के दोषमुक्त हो जाने से विवेचक उप निरीक्षक को निंदा की सजा से दण्डित किया गया। बैठक में विभिन्न न्यायालयों द्वारा जून माह में 50 प्रकरणों में पारित आदेश की सूची प्रस्तुत कर समीक्षा की गई। इन सभी प्रकरणों में अभियोजन अथवा पुलिस के विरूद्ध कोई प्रतिकूल टीप पारित नहीं की गई है।

शेयर करें: