नौरादेही अभ्यारण्य में पांच किमी. तक कुल्हाड़ी पर रोक

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तेन्दूखेड़ा/दमोह! नौरादेही अभ्यारण्य मध्यप्रदेश की इकलौती सेंचुरी बन जाएगी जहां सेंचुरी के 5 किमी के सीमावर्ती दायरे में कोई भी कुल्हाड़ी लेकर नहीं जा सकेगा।अगर वन विभाग को इसकी सूचना मिली तो फिर समझो उसकी खेर नहीं रहेगी।सागर कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति प्रीति मैथिल नायक ने इस आशय का आश्वासन बैठक में दिया है।आदेश जारी होने के बाद नौरादेही वन्य अभ्यारण्य के हरे-भरे जंगल सुरक्षित हो सकेंगे।नौरादेही अभ्यारण्य वन मंडल अधिकारी अंकुर अवधिया द्वारा 13दिसंबर2018 को कलेक्टर सागर को पत्र जारी कर आमर्स एक्ट 1959 की धारा22के तहत कार्रवाई करने व अपराधियों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।नौरादेही डीएफओ द्वारा जारी पत्र में कलेक्टर का ध्यान आकर्षित कराते हुए लेख किया गया कि नौरादेही अभ्यारण्य में आए दिन हथियार के साथ असामाजिक तत्व प्रवेश करते हैं जो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 31के तहत गैरकानूनी है।घातक पदार्थों का उपयोग जो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 32 व अभ्यारण्य में नाशकरण जो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 29 के साथ हो शिकार जो वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम1972 की धारा9के मामले होते रहे हैं गौरतलब है कि नौरादेही अभ्यारण्य जैव विविधता से प्रचुर संरक्षित क्षेत्र है जो बुंदेलखंड व आसपास के क्षेत्रों को जल प्रदाय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।इस क्षेत्र की महत्वता इस कारण भी अधिक है क्योंकि केन बेतवा लिंक परियोजना के संदर्भ में इस क्षेत्र को पन्ना टाइगर रिजर्व में जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
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*नौरादेही में सर्वाधिक हो रहा कुल्हाड़ी का उपयोग*
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दरअसल नौरादेही वन मंडल में लगातार वनों की कटाई की जा रही है कटाई के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि काटे गए पेड़ों में सर्वाधिक कुल्हाड़ी का उपयोग किया जा रहा है कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार लेकर वन माफिया नौरादेही अभ्यारण्य में प्रवेश न कर पाए इसके लिए नौरादेही वन मंडल अधिकारी के द्वारा इस पर रोक लगाने की शुरुआत करते हुए सागर कलेक्टर को पत्र भेजा।पत्र की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने अभ्यारण्य के अंदर व उसकी सीमा से 5 किमी की परिधि में आने वाले ग्रामों में कुल्हाड़ी को आमर्स घोषित करने व इसे अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रतिबंधित घोषित करने के लिए कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
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*धारदार व घातक हथियार की श्रेणी में कुल्हाड़ी*
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डीएफओ के द्वारा पत्र में लेख किया गया कि आमर्स एक्ट1959 में भी कुल्हाड़ी एक धारदार व घातक हथियार की श्रेणी में आती है जिसका उपयोग सिर्फ घरेलू या किसी कार्य के लिए किया जाकर वन अपराधों के लिए किया जा रहा है नौरादेही मंडल अधिकारी के द्वारा कलेक्टर का ध्यान आकर्षित कराते हुए लेख किया गया कि कुल्हाड़ियों की चौड़ाई 2इंच से अधिक होने के कारण भारत के राजस्व 15 जुलाई 2016 के अंतर्गत यह स्वीकृति योग्य हथियार की श्रेणी में नहीं आती है
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*अपराधियों के दखल से हो रहा नुकसान*
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डीएफओ नौरादेही ने कलेक्टर को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि यह भी प्राय: देखा जा रहा है कि जब वन विभाग के कर्मचारी अपराधियों को पकड़ने जाते हैं तो उन पर पत्थरों वह हथियारों से हमला किया जाता है जिसके कारण वन विभाग अकेले इन पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है वन संरक्षक अधिनियम1972व भारतीय वन अधिनियम1927 के अनुसार वनोपज शासकीय संपत्ति है अपराधियों के आए दिन दखल देने से शासकीय संपत्ति का भी नुकसान हो रहा है चूंकि वन विभाग के कर्मचारी सुरक्षा एजेंसी की परिभाषा में नहीं आते व आमर्स एक्ट 1959 की धारा 22 के तहत अभ्यारण्य के भीतर व सीमावर्ती इलाकों में कुल्हाड़ी व अन्य हथियारों की जब्ती करने व अपराधियों पर कार्रवाई करने का लेख किया गया था।
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*नौरादेही डीएफओ तक पहुंचा कलेक्टर का पत्र*
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नौरादेही डीएफओ द्वारा कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक को भेजे गए पत्र के बाद 13 फरवरी 2019 को जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में कलेक्टर के द्वारा उक्त प्रावधान के अंतर्गत नौरादेही अभ्यारण्य के भीतर व सीमा से 5 किमी की परिधि में आने वाले ग्रामों में कुल्हाड़ी को लेकर आमर्स घोषित करने व इसे नौरादेही अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रतिबंधित घोषित करने के लिए कार्रवाई किए जाने का आश्वासन कलेक्टर व अध्यक्ष जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति द्वारा दिया गया है।इसकी लिखित सूचना नौरादेही वन मंडल अधिकारी तक 2 अप्रैल 2019 को पहुंच गई है

नौरादेही वन्य अभ्यारण्य मध्यप्रदेश की इकलौती सेंचुरी है जहां अभ्यारण्य के भीतर और 5 किमी सीमावर्ती क्षेत्र में कुल्हाड़ी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने कुल्हाड़ी को आमर्स घोषित करने का आश्वासन कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला टास्क फोर्स समिति द्वारा दिया गया है

डॉ अंकुर अवधिया वन मंडल अधिकारी नौरादेही वन्य अभ्यारण्य सागर*

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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