नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई को

जबलपुर ; राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं मुख्य न्यायाधिपति उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति एस.के. सेठ और प्रशासनिक न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति एचजी रमेश के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में शनिवार 13 जुलाई को प्रदेश में उच्च न्यायालय स्तर से लेकर जिला न्यायालयों, तालुका न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, कुटुम्ब न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा । इस दिन आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत हेतु राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चिन्हित किए गए विभिन्न न्यायालयों में रखे जाने वाले लंबित एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों को निराकृत किया जाएगा। इसमें न्यायालयीन लंबित प्रकरणों में आपराधिक शमनीय प्रकरण, पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एमएसीटी प्रकरण(मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा), श्रम विवाद प्रकरण, विद्युत एवं जल कर, बिल संबंधी (सिर्फ शमनीय प्रकरण), वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, सेवा मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित हैं, राजस्व प्रकरण (सिर्फ जिला, उच्च न्यायालयों में लंबित), दीवानी इत्यादि मामले महत्वपूर्ण हैं ।
इस नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं आपराधिक शमनीय मामलों सहित सभी प्रकार के समझौता योग्य मामले निपटारे के लिए रखे जायेंगे। जिनमें पक्षकारगण सौहाद्रपूर्ण वातावरण में प्रकरणों का निराकरण कराने हेतु प्रयास कर सकेंगे । इच्छुक पक्षकारगण जो न्यायालय में लंबित एवं मुकदमेबाजी के पूर्व (प्रिलिटिगेशन प्रकरण) उपरोक्त प्रकार के चिन्हित किए गए प्रकरणों, विवादों का उचित समाधान कर आपसी सहमति से लोक अदालत में निराकरण कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क कर अपना मामला लोक अदालत में रखे जाने हेतु सहमति एवं आवश्यक कार्यवाही 13 जुलाई के पूर्व पूर्ण कराएं। ताकि सुविधानुसार मामला 13 जुलाई को होने वाली नेशनल लोक अदालत के विचार में लेकर निराकृत किया जा सके । उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग, नगर निगम, बैंक आदि विभागों द्वारा लोक अदालत हेतु जो छूट प्रस्तावित की गई है, वह 13 जुलाई के पश्चात् समाप्त हो जाएगी। इसलिए सदस्य सचिव अमनीश कुमार वर्मा द्वारा इस लोक अदालत में उक्त छूट का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु आग्रह किया गया है।
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