नगर निगम का कर्मचारी बनकर बैंक खातों से उड़ाए रुपये

जबलपुर ,ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मामला ठगी का सामने आया है जिसमें ठग द्वारा पहले तो स्वयं को नगर निगम कर्मी बताकर महिलाओं से छल पूर्वक एकाउट एवं अधारकार्ड की जानकारी इकठ्ठी की गई फिर उनके बैंक एकाउट से रूपये निकाल लिए धोखाधडी करने वाला आरोपी अब पुलिस गिरफ्त में है पुलिस की मानें तो दिनॉक 6-4-19 को श्रीमति दुर्गा बाई बर्मन उम्र 40 वर्ष निवासी दुर्गा नगर भटोली ने एक लिखित शिकायत की कि दिनॉक 3-4-19 को एक व्यक्ति कार एमपी 20 सीबी 8306 से उसके गॉव आया, तथा ललिता बाई जाबरे की किराना दुकान मे बैठा, एवं अपना नाम ज्ञानीश सोनी बताया जो टाई एवं परिचय पत्र गले मे लटकाया था एवं अच्छे कपडे पहना था बोला कि वह नगर निगम जबलपुर जोन क्रमांक 11 से आया है म.प्र.शासन मुख्यमंत्री जी ने गरीबो एवं बेरोजगारो के लिये नयी योजना निकाली है जिसमे हर गरीब को हर महीने 3500 रूपये भत्ता मिलना है, योजना का नाम मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना है, आप लोग मुझे बैंक की पास बुक व अधारकार्ड का नम्बर दे दें तथा मशीन मे अपना अंगूठा लगाना होगा तो हम लोगो ने विश्वास कर उसे आधार कार्ड एवं पास बुक दिये, तो उस व्यक्ति ने मोबाईल से फोटो उतारा तथा आधार कार्ड का नम्बर मोबाईल मे नोट कर मोबाईल से अंगूठे लेने वाली मशीन फंसा कर हमारे दाहिने अंगूठा का निशान लिया एवं बोला कि दिनॉक 24-4-19 तक आपके खाते में 3500-3500 रूपये आ जायेंगे, एैसा कहते हुये वह व्यक्ति चला गया। दिनॉक 5-4-19 को उसे पैसो की जरूरत पडने पर अपने बैंक गयी तथा 1 हजार रूपये निकालने हेतु फार्म भरकर दिया, तब जानकारी मिली कि उसके खाते मे पैसे नहीं है, पूछताछ करने पर बैंक वालो ने बताया कि दिनॉक 3-4-19 को खाते से 4 हजार रूपये निकाले गये है क्या तुमने किसी को अपना आधार नम्बर व बैक के एकाउंट का नम्बर दिया है। तब उसे समझ आया कि वह व्यक्ति जो स्वयं को ज्ञानीश सोनी , नगर निगम का कार्मचारी बता रहा था उसने छल पूर्वक एकाउट नम्बर एंव आधारकार्ड नम्बर लेकर एकाउट से रूपये निकालते हुये धोखाधडी की है। वह गॉव आयी एवं सभी को जानकारी दी, सभी ने अपने अपने बैंको मे जाकर पता किया तो ज्ञात हुआ कि नर्बदिया बाई के खाता से 20 हजार रूपये, प्रिति बर्मन के खाते से 300, भगवती बाई के 1 हजार रूपये, ललिता बाई खाते से 6500 रूपये निकाले है, नगर निगम जोन क्रमाक 11 मे जाकर पतासाजी की गयी तो ज्ञात हुआ कि ज्ञानीश सोनी नाम का कोई कर्मचारी नही है। सम्पूर्ण जांच पर ज्ञानीश सोनी द्वारा स्वयं को नगर निगम कर्मचारी बताते हुये दुर्गा नगर भटौली मे रहने वाली महिलाओ से खाता की जानकारी एंव आधारकार्ड नम्बर लेकर ऑन लाईन के माध्यम से मोबाईल फोन से अंगूठा लगावाकर बैक खातो से रूपये निकालते हुये धोखाधडी करना पाया जाने पर धारा 419,420,467,468, भादवि एवं 66 डी आई.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध विवेचना में लिया गया।

किराया का मकान लेकर शहर में ही रह रहा आरोपी

वहीं मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसपी जबलपुर निमिष अग्रवाल(भा.पु.से.) द्वारा आरोपी की पतासाजी करते हुये अविलम्ब गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (दक्षिण) डॉ संजीव उइके एवं नगर पुलिस अधीक्षक कैंट अखिल वर्मा के द्वारा थाना प्रभारी ग्वारीघाट श्रीमति प्रीति तिवारी के नेतृत्व मे टीम गठित की गयी। गठित टीम द्वारा पतासाजी करते हुये विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर दुर्गा नगर मे दबिश देकर अल्टो कार एमपी 20 सीबी 8306 मे सवार व्यक्ति को पकडा गया जिसने पूछताछ पर अपना नाम ज्ञानीश सोनी पिता सुरेश सोनी उम्र 29 वर्ष निवासी रघुराज नगर सतना का रहने वाला बताते हुये पिछे 4-5 दिनों से रामपुर से साई मंदिर के पीछे किराये से मकान लेकर रहना बताया जिसे अभिरक्षा में लेते हुये थाना ग्वारीघाट ले जाया गया एवं सघन पूछताछ की गयी तो धोखाधडी कर खातों से ऑनलाईन पैसा निकालना स्वीकार किया, कब्जे से रजिस्टर जिनमें कई लोगो के नाम पते लिखे हैं, थम मशीन, मोबाईल आदि जप्त करते हुये और कहॉ कहॉ इस प्रकार की धोखाधडी की घटनायें की है, के सम्बंध मे पूछताछ की जा रही है।उल्लेखनीय है कि पकडा गया आरोपी ज्ञानीश सोनी वर्ष 2015 मे सिविल लाईन मे धोखाधडी के प्रकरण में पकडा जा चुका है।

उल्लेखनीय भूमिका- आरोपी को पकडने में थाना प्रभारी ग्वारीघाट श्रीमति प्रीति तिवारी, उनि देवी सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह, आरक्षक मुकेश शुक्ला, अजय सिंह , सुरेन्द्र सेन की सराहनीय भूमिका रही।
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