दलहन-तिलहन फसलों का क्षेत्राच्छादन बढ़ाने प्रयास करें – संभागायुक्त श्री बहुगुणा

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जबलपुर :संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने कहा है कि दलहन, तिलहन फसलों और सब्जियों का क्षेत्राच्छादन बढ़ाने के लिए उचित समय पर कृषकों को प्रेरित किया जाना चाहिए। दलहन फसलें और सब्जियां इंटरक्रापिंग प्रणाली के जरिए भी लगाई जाए। कृषि भूमि के हर हिस्से का वैज्ञानिक ढंग से पूरा उपयोग किया जाए। इस संबंध में कृषि और उद्यानिकी विभागों के मैदानी अधिकारी और कर्मचारी विशेष प्रयास करें।संभागायुक्त श्री बहुगुणा संभागीय अधिकारियों की बैठक में कृषि से संबंधित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। संभागायुक्त ने कहा कि कृषि संबंधी आंकड़े बता रहे हैं कि गेहूं और धान का क्षेत्राच्छादन और उत्पादन दोनों बढ़ा है। जबकि दलहन, तिलहन फसलों के क्षेत्र और उत्पादन में कमी आयी है। जबकि संतुलन आवश्यक है।
संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने कृषि विभाग के संयुक्त संचालक को ये निर्देश देते हुए कहा कि इंटीग्रेटेड कृषि प्रणाली के मुख्य तथ्यों को एक छोटे कार्ड में सम्मिलित करते हुए उसे कृषि, उद्यानिकी तथा अन्य संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए ताकि वे कृषकों को समन्वित कृषि प्रणाली के संबंध में बेहतर जानकारी उपलब्ध करा सकें। इस कृषि पद्धति से छोटे और सीमांत कृषकों को जोड़ा जा रहा है। एक या दो फसल लेने वाले कृषक कृषि से संबंधित कार्य 120 दिन ही करते हैं शेष दिनों उनके पास कोई भी उत्पादक कार्य नहीं रहता है। ऐसे कृषकों के लिए स्थानीय परिस्थिति के अनुसार कृषि में सहायक दूसरी गतिविधियां जैसे पशुपालन, मछली पालन आदि अन्य का चयन किया जा सकता है। कृषि लागत को कम करने के प्रयास होने चाहिए। उद्यानिकी फसलों को लेना चाहिए। फसलें सघनता से लगाई जानी चाहिए। संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने जय किसान ऋण माफी योजना अंतर्गत जानकारी ली। उन्होंने कहा जो बड़े किसान इस योजना के लाभार्थियों में शामिल नहीं हैं और इन किसानों ने बड़ा कृषि ऋण ले रखा है उनसे ऋण राशि वापस प्राप्त करने की कोशिश होनी चाहिए।उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत शामिल होकर उद्यानिकी विभाग कृषकों को फलदार वृक्षों, सब्जियों की कृषि करने के लिए लाभान्वित करें। समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत चयनित कृषकों को उद्यानिकी विभाग पौधे प्रदान करें। इस प्रयास से काफी बड़े क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार हो जाएगा।संभागायुक्त ने उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा के अंतर्गत उपार्जित फसलों के भण्डारण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मार्कफेड द्वारा केप का हस्तांतरण वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन को किया जा रहा है। कार्पोरेशन के अधिकारी तथा तकनीकी अमला केप का भौतिक निरीक्षण कर यदि मरम्मत और निर्माण की जरूरत महसूस हो तो दुरूस्ती की कार्यवाही की जाए।संभागायुक्त ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली तहत खाद्यानों का उठाव, वितरण और दिक्कतों की जानकारी ली। बीज प्रमाणीकरण के तहत बताया गया कि ग्रेडिंग, सैम्पलिंग कार्य पूरा हो गया है। जांच के लिए बीज भेजे गए हैं। परिणाम आने के बाद पैकिंग और वितरण किया जाएगा। संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि अचार (चिरौंजी) वृक्ष की तीन वर्ष में फल देने वाली कलम विकसित की गई है। इन्हें कृषकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा तथा नर्सरी में भी विकसित किया जाएगा पशुपालन विभाग की समीक्षा में संभागायुक्त ने कहा कि गौसेवकों को भी समन्वित कृषि प्रणाली से जोड़ा जाए। गौसेवकों के पास कृषि भूमि हो तो उन्हें भी इंटीग्रेटेड कृषि प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा इन्हें प्रशिक्षण देने का इंतजाम किया जाए।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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