तड़पती रही महिला गर्भ में ही बच्चे ने तोड़ा दम नहीं पहुँची सरकारी एम्बुलेंश

जबलपुर: सरकार के सुरक्षित प्रसव के लिए जननी जैसी सुविधाओं की मझोली के केथरा गाँव मे पोल खुल गई जब एक गर्भवती महिला घर पर प्रसव पीड़ा से तड़पती रही लेकिन जननी वाहन नहीं पहुँचा वहीं दूसरी तरफ चालक और पायलट की लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत हो गई। मामला मझौली तहसील की कैथरा गांव में रविवार रात का है। महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने जननी 108 को फोन लगा कर मामले की जानकारी दी, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक महिला घर में दर्द से तड़पती रही। और इसी दौरान बच्चे ने जन्म लेते ही दम तोड़ दिया। जिसको लेकर परिवार के लोगों में भारी आक्रोश था। वही इतनी गंभीर लापरवाही को लेकर जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर से बात की गई तो वह सिर्फ देख पाता हूं कहकर बात को टाल गए।
यह है पूरा मामला : ग्राम कैथोरा निवासी रोशनी दाहिया (26) करीब 9 माह से गर्भवती थी। बच्चे की जन्म की तारीख का समय नजदीक था। इस बीच रविवार रात करीब साढे बारह बजे के लगभग रोशनी को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। महिला के पति दीपक दाहिया ने फोन से मझोली जननी एक्सप्रेस को फोन किया। जहां से उन्हें जवाब मिला कि कुछ ही देर में जननी उनके गांव पहुंच जाएगी। करीब आधे घंटे तक परिवार के लोग जननी का घर में इंतजार करते रहे। बाद में दीपक फ़िर जननी एक्सप्रेस को फोन लगाएं तू वहां से उन्हें जवाब मिला कि गाड़ी अभी उपलब्ध नहीं है। पत्नी की तेज प्रसव पीड़ा को देख दीपक ने जननी सिहोरा 2 को फोन पर मामले की जानकारी दी, लेकिन रात करीब डेढ़ बजे तक सिहोरा जननी 2 गांव नहीं पहुंची और रोशनी को प्रसव पीड़ा तेज होने लगी।
जन्म लेने के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत : रात करीब पौने दो बजे के लगभग रोशनी ने घर में ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म लेने के कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत को लेकर परिवार के लोग बुरी तरह दुखी हो गए। घर के लोगों का कहना था जननी की लापरवाही के चलते ही उनके बच्चे की मौत हो गई। परिवार के लोगों का आरोप था कि अगर समय पर जननी पहुंच गई होती तो उनके बच्चे की मौत नहीं होती। बच्चे की मौत के बाद परिवार के लोगों ने रोशनी की हालत बिगड़ती देख सिहोरा 108 एंबुलेंस को फोन लगाया। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस में रोशनी को रात करीब 2:15 बजे के लगभग सिहोरा हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां रोशनी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

इनका कहना है –
समय पर जननी एक्सप्रेस के नहीं पहुंचने की जानकारी मुझे आपके माध्यम से ही लगी है। जननी के नहीं पहुंचने से एक बच्चे की मौत होना गंभीर मामला है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुरली मनोहर अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर

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