जिला प्रशासन करेगा दूध डेयरियों पर सख्त कार्यवाही

कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक में दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच के दिये निर्देश
जबलपुर,बिना वजह दूध के दाम बढ़ाकर आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले डेयरी संचालकों के विरूद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही की जायेगी । कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने आज शाम इस बारे में आयोजित एक बैठक में सभी एसडीएम, पुलिस अधिकारियों, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पशु पालन विभाग, खाद्य एवं औषधि नियंत्रण तथा खाद्य विभाग के अधिकारियों को दूध डेयरियों का आकस्मिक निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं । उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच की कार्यवाही निरंतर जारी रहनी चाहिए । इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी । श्रीमती भारद्वाज ने बैठक में डेयरियों के संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही की शुरूआत आज शुक्रवार की रात से ही करने के निर्देश अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को दिये । उन्होंने कहा कि अनुविभागीय दण्डाधिकारियों से कहा कि आज रात दूध डेयरियों के शहर में स्थित आऊटलेट केन्द्रों (वितरण केन्द्रों) का निरीक्षण करें और यह देखें कि उनके द्वारा किस दाम पर दूध का विक्रय किया जा रहा है । श्रीमती भारद्वाज ने दूध डेयरियों के सभी आऊटलेट्स पर पब्लिक न्यूसेंस पैदा करने का नोटिस चस्पा करने की हिदायत भी दी । कलेक्टर ने बैठक में कहा कि दूध डेयरियों के आकस्मिक जांच की कार्यवाही पुलिस, नगर निगम, विद्युत विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, पशुपालन विभाग, खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग तथा खाद्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को एक साथ करनी होगी, ताकि इसका ज्यादा प्रभाव पड़े और डेयरी संचालक नियमों को मानने बाध्य हों । उन्होंने बताया कि दूध डेयरियों की आकस्मिक जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर दिये गये हैं । श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि आकस्मिक जांच की कार्यवाही में यदि डेयरी संचालकों द्वारा व्यवधान पैदा किया जाता है तो उनके विरूद्ध तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए । उन्होंने डेयरी संचालकों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मापदण्डों का उल्लंघन करने पर उनके लायसेंस रद्द करने की कार्यवाही भी करने के निर्देश दिये । कलेक्टर ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा और दूध डेयरियों के संचालन के लिए शासन द्वारा तय की गई गाइड लाईन का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की हिदायत अधिकारियों को दी । उन्होंने दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए आक्सीटोसिन का इस्तेमाल करते पाये जाने पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये । कलेक्टर ने स्वीकृत भार से अधिक बिजली की खपत करने वाली डेयरियों के विद्युत कनेक्शन तत्काल विच्छेदित करने विद्युत विभाग के अधिकारियों को कहा । श्रीमती भारद्वाज ने नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा कि सभी डेयरियों के रजिस्ट्रेशन की जांच की जाये और अपशिष्ट प्रबंधन के उपायों का इस्‍तेमाल नहीं करने वाले डेयरी संचालकों पर प्रकरण दर्ज करें और उनका लायसेंस निरस्त करने की कार्यवाही करें ।
कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से भी कहा कि डेयरियों के निरीक्षण के दौरान ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं करने वाले डेयरी संचालकों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लायसेंस निरस्त करने की कार्यवाही करनी होगी । उन्होंने पशुओं को दिये जाने वाले चारे एवं पानी की स्वच्छता की जांच करने के निर्देश भी इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को दिये ।कलेक्टर ने अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को आकस्मिक जांच की कार्यवाही के दौरान डेयरी संचालकों को अनुचित व्यापार करने के आरोप में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने की हिदायत दी और प्रकरण तैयार कर जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम को भेजने के निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि जब पशु चारे और खली-चुनी के रेट नहीं बढ़े तो दूध के दाम बढ़ाना डेयरी संचालकों की मनमानी माना जायेगा । श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि प्रोसेसिंग और पाश्चुराइजेशन के बाद सांची और अमूल का दूध जब 48 से 49 रूपये के बीच बिक रहा है तो निजी डेयरी संचालकों द्वारा दाम बढ़ाये जाने को नितांत अनुचित माना जायेगा । श्रीमती भारद्वाज ने बैठक में अनुविभागीय दण्डाधिकारियों के नेतृत्व में गठित दलों को डेयरियों की आकस्मिक जांच की कार्यवाही के दौरान आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दिये । उन्होंने दूध उेयरियों की जांच की कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिये । श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि दूध के दाम नियंत्रित करने के लिए यदि प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दूसरे राज्य या शहरों को दूध की आपूर्ति पर रोक भी लगाने की आवश्यकता होगी तो ऐसा भी किया जायेगा ।
कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को दूध डेयरियों को शहर से बाहर करने की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये । उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही तुरंत शुरू कर दी जानी चाहिए । बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश त्रिपाठी एवं संजीव उइके, संयुक्त कलेक्टर नम:शिवाय अरजरिया एवं सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी मौजूद थे ।
राज्य शासन को भेजा जायेगा दूध के दाम तय करने का प्रस्ताव:-
कलेक्टर ने दूध के दाम नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि जल्दी ही प्रतिवेदन तैयार कर राज्य शासन को मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट कंट्रोल आर्डर 1992 के तहत दूध के दाम तय करने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है । इसी तरह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत नोटिस दिये जाने के बावजूद यदि डेयरी संचालकों द्वारा दाम कम नहीं किये जाते हैं तो उनके विरूद्ध कंज्यूमर प्रोटेक्शन फोरम में प्रकरण दर्ज कराये जायेंगे ।
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