जल्द ही लागू होगा पत्रकार सुरक्षा कानून : जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा

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सुशासन की अवधारणा को मूर्त रूप दे रही है राज्य सरकार

भोपाल :जनसम्पर्क, विधि-विधायी कार्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विमानन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में कमल नाथ सरकार सुशासन की अवधारणा को मूर्त रूप दे रही है। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ “मीडिया” को सशक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है और निर्भीक तथा निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। श्री शर्मा ने कहा है कि सरकार द्वारा शीघ्र ही पत्रकार सुरक्षा कानून भी लागू किया जाएगा।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को स्थापित किये जाने में सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग किये जाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में दूरसंचार, इंटरनेट सेवा, अवसंरचना प्रदाताओं पर वायर लाइन या वायरलेस आधारित वाइस या डाटा पहुँच सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने के लिये प्रक्रिया निर्धारित की गयी है। अब कम्पनियाँ ऑनलाइन आवेदन कर जिला कलेक्टरों से भूमि उपयोग का लायसेंस प्राप्त कर सकती हैं। प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ विंग्स जैसी नवीन तकनीकों का उपयोग कर शासकीय सेवाओं को बेहतर रूप दिए जाने के लिए नेस्काम के साथ एमओयू किया गया है।
प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आईटी पॉलिसी में संशोधन कर इसे अधिक आकर्षक बनाया गया है। राज्य में नये डाटा सेंटर की स्थापना में सहयोग प्रदान करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी की निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन किया गया है। डाटा सेंटर क्षेत्र में नवीन निवेश को आकर्षित करने के लिए भूमि बैंक बनाये जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मैप-आईटी के सहयोग से विभिन्न विभागों के इंटरनल वर्क-फ्लो एवं कम्प्यूटरीकरण का कार्य प्रगति पर है। म.प्र. स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के उन्नयन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीन एवं प्रभावी लागत तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है।

जन-कल्याणकारी राज्य के लिए हितैषी है निष्पक्ष पत्रकारिता

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ सदैव ही निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्षधर रहे हैं। मुख्यमंत्री यह मानते हैं कि निष्पक्ष पत्रकारिता सरकार का सही रूप से मार्गदर्शन करती है। श्री शर्मा ने कहा कि इसीलिए सरकार पत्रकारों के सरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पत्रकारों के हित में सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के बाद पत्रकारों को अधिमान्यता देने के लिए राज्य एवं संभाग-स्तरीय अधिमान्यता समितियों का गठन कर दिया गया है। पत्रकारों के स्वास्थ्य उपचार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिए पत्रकार संचार कल्याण समिति और पत्रकारों की कठिनाईयों के अध्ययन और सुझाव देने के लिए राज्य-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। सरकार ने पत्रकार प्रोत्साहन एवं नवाचार के लिए तथा महिलाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में सुरक्षात्मक वातावरण उपलब्ध कराने और विशेष प्रोत्साहन देने के लिए महिला पत्रकारों की राज्य-स्तरीय समितियों का गठन किया है। मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1127 राज्य-स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। जिला-स्तरीय अधिमान्य पत्रकारों की संख्या 1947 और तहसील-स्तरीय अधिमान्य पत्रकारों की संख्या 822 है। प्रदेश में कुल 3,896 अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार हैं।

एक करोड़ 31 लाख से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई

जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने बताया कि पत्रकारों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य उपचार के लिए सरकार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। सरकार द्वारा सामान्य बीमारियों के लिए 20 हजार रुपये तक और गंभीर बीमारियों के लिए 50 हजार तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद से अब तक 422 पत्रकारों को स्वास्थ्य उपचार के लिए एक करोड़ 31 लाख 54 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

5 करोड़ से अधिक की प्रीमियम राशि से पत्रकारों का 10 लाख तक का बीमा कराया

मंत्री श्री शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार पत्रकारों का 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा करा रही है। साथ ही 4 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2,874 पत्रकारों का बीमा करवाया गया है। इनमें 2,310 अधिमान्य और 564 गैर-अधिमान्य पत्रकार हैं। श्री शर्मा ने बताया कि बीमित पत्रकारों की प्रीमियम राशि की 75 प्रतिशत राशि 5 करोड़ 40 लाख रुपये का वहन सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में किया गया है। चार अक्टूबर, 2019 से अब तक 60 पत्रकारों के 24 लाख रुपये के बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 615 से अधिक पत्रकारों ने अपना बीमा कराया है।

सम्मान-निधि 7 हजार से बढ़ाकर 10 हजार की गई

वहीं मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार पत्रकारों के सम्मान के लिए वचनबद्ध है। सरकार ने पूर्व में मिलने वाली सम्मान-निधि की राशि को 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है। वर्तमान में 209 वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान-निधि दी जा रही है। सरकार द्वारा राज्य-स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को लेपटॉप क्रय करने के लिए 40 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। इस वर्ष 17 पत्रकारों को राशि प्रदान की गई है। श्री शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा अधिमान्य पत्रकारों को 25 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्ष तक दिये जाने का प्रावधान किये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। सरकार उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए शीघ्र ही वर्ष 2017, 2018 और 2019 के लिए पत्रकारों को समारोहपूर्वक सम्मान प्रदान करेगी। इसके लिए आवेदन-पत्र पूर्व में ही आमंत्रित किये जा चुके हैं।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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