जब जन्म लेते ही टूट गए थे काराग्रह के ताले

0

जबलपुर :भगवान की लीला अपरम्पार है द्वापर युग मे कंस का अत्याचार इतना बढ़ गया था की ऋषि मुनि त्यागी तपस्वी सबके सब कंस के अत्याचार से तंग आ चुके थे ऐसे में देवताओं ऋषियों की प्राथना पर भगवान विष्णु ने वासुदेव औऱ देवकी की आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया जब भगवान ने अवतार लिया उस समय वासुदेव और देवकी कंस की कैद में थे भगवान के जन्म लेते ही सब प्रहरी सो गए और काराग्रह के सभी द्वार के ताले अपने आप खुलते गए उसी परम पावन दिन को भक्त भारत ही नहीँ विश्व के कई देशों में जन्माष्टमी के रूप में मनाते है भगवान ब्रह्माजी कहते हैं – ‘‘जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसे करोड़ों एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग, शोक दूर हो जाते हैं ।’’इस बार 23 व 24 अगस्त दोनों ही दिन श्रीकृष्ण जयंती का पावन योग है । दोनों ही दिन उपवास मान्य है ।लेकिन शास्त्रों में आता है कि ‘‘जन्माष्टमी में यदि एक कला (एक मिनट के आस-पास का समय) भी रोहिणी नक्षत्र हो तो उसको श्रीकृष्ण जयंती नाम से कहा जाता है । उसमें प्रयत्नपूर्वक उपवास करना चाहिए ।’’शास्त्रों में यह बात भी आती है कि ‘‘मुहूर्तमात्र (48 मिनट) भी रोहिणी नक्षत्र संयुक्त अष्टमी हो और फिर नवमी से युक्त हो, ऐसी जन्माष्टमी का व्रत कुल के करोड़ों लोगों को मुक्ति देनेवाला होता है ।’’24 अगस्त को ऐसा योग होने से अहमदाबाद आश्रम में जन्माष्टमी व्रत एवं जागरण 24 को मनाया जायेगा।भगवान के मुख्य मंदिरों – द्वारका, मथुरा, नाथद्वारा, डाकोर आदि में भी जन्माष्टमी 24 को ही मनाया जायेगा ।जन्माष्टमी को रात्रि-जागरण करके जप-ध्यान आदि करने का विशेष महत्त्व है ।(निशीथकाल – 23 व 24 अगस्त, रात्रि 12-19 से 1-05 तक)साभार www.aashrm org.com

जबलपुर शहर सहित सिहोरा ,बघराजी ,मझगवां पाटन में निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा

वहीँ वैसे तो जन्माष्टमी को लेकर तमाम तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है जबलपुर शहर सहित पूरे जिले में कृष्ण भक्त अपने कन्हैय्या का अवतरण दिवस मनाने की तैयारी पूरी कर चुके है वहीँ जिले के सहित सिहोरा में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य शोभायात्रा 23 अगस्त शुक्रवार को निकाली जाएगी यात्रा का सुभारम्भ सुबह 11 मंझोली बायपास से होगा जो कटरा मोहल्ला होते हुए झंडा बाजार ,कालभैरव चौक ,मैना कुँआ के रास्ते पुराने बस स्टैंड ,स्टेट बैंक तिराहा से आजाद चौक होते हुए प्रारंभिक स्थल मंझोली बाईपास पहुँचेगी जहाँ पर जहाँ पर 4 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा साथ ही रात में विशाल जागरण भजन कीर्तन का आयोजन किया गया है इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण अहीर नृत्य रहता है आपको बता दें की जन्माष्टमी के अवसर पर जगह -जगह लोग मटकी फोड़ प्रतियोगता का कार्यक्रम भी रखते है ,कृष्ण मंदिरो में विशेष पूजा पाठ होंगे

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x