गौ शाला समितियों को पशुओं की ईयर टेगिंग कराने कलेक्टर ने दिये निर्देश

0

गौपालन एवं पशु संवर्द्धन समिति की बैठक संपन्न

जबलपुर, कलेक्टर श्री भरत यादव ने शासन से अनुदान प्राप्त करने वाली गौ शाला समितियों को सभी पशुओं की ईयर टेगिंग कराने का आग्रह किया है । आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई जिला गौ पालन एवं पशु संवर्द्धन समिति की बैठक को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि भविष्य में गौ शालाओं को सहायता एवं अनुदान गौवंश की ईयर टेगिंग एवं उनके ऑनलाइन पंजीयन के आधार पर ही दी जायेगी । इसे देखते हुए गौशाला समितियों को उनके यहां रखे गये गौवंश की ईयर टेगिंग कराना ही होगी । बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित सिंह भी मौजूद थे ।
कलेक्टर ने बैठक में गौ शाला समितियों के प्रबंधकों से पूर्व में मिले अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र देने के निर्देश भी दिये । श्री यादव ने गौशाला समितियों से गोबर से स्टिक का निर्माण करने तथा लोगों को लकड़ी की जगह इसका इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक करने का आग्रह भी किया ।
कलेक्टर ने बैठक में पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों को गौशालाओं का नियमित रूप से भ्रमण करने तथा पशुओं का टीकाकरण तथा बीमार पशुओं का उपचार करने के निर्देश दिये । उन्होंने गौ शालाओं से लगी शासकीय भूमि को चिन्हित करने तथा वहां से अतिक्रमणों को हटाने पर भी जोर दिया ।
बैठक में स्वामी प्रज्ञानंद गौशाला एवं गीताधाम गौशाला को भूसा बनाने वाली स्ट्रॉ रीपर मशीन क्रय करने ढाई-ढाई लाख रूपये की अनुदान राशि प्रदान करने के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई । इसी तरह दो गौ शाला समितियों को शेड निर्माण के लिए 5-5 लाख और एक गौ शाला को तीन लाख रूपये के अनुदान के प्रस्ताव को मंजूर किया गया । बैठक में गोबर से स्टिक एवं गमले बनाने की मशीन क्रय करने के लिए तीन गौ शालाओं को एक-एक लाख रूपये की सहायता दिये जाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई ।
कलेक्टर ने बैठक में नरवाई से भूसा बनाने वाले हार्वेस्टर क्रय करने के प्रकरण मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत तैयार करने के निर्देश भी दिये । उन्होंने कहा कि इससे भूसे की कमी भी दूर होगी और नरवाई जलाने से खेतों की उर्वरा शक्ति से होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकेगा ।
बैठक में बताया गया कि गौ शाला समितियों को शासन से अनुदान अब गौशाला में रखे गये पशुओं की ईयर टेगिंग के आधार पर ही दिया जायेगा । पशुओं की ईयर टेगिंग का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी होगा और इसे हर तीन माह में इसे अद्यतन किया जायेगा । उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें ए.पी. गौतम ने बताया कि अभी तक शासन से अनुदान प्राप्त करने वाली गौ शालाओं के 2 हजार 126 पशुओं की ईयर टेगिंग की जा चुकी है ।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x