गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करने के निर्देश  संभागायुक्त श्री बहुगुणा ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा 

जबलपुर , संभागायुक्त राजेश बहुगुणा ने शालेय शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल नए शिक्षण सत्र से करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त ने कक्षा एक से आठवीं तक विद्यार्थियों के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से अध्यापन कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में चयनित शालाओं में विषयवार पाठ्यक्रम का अध्यापन पेन ड्राइव का उपयोग कर एलईडी स्क्रीन के द्वारा छात्रों को कराया जाए। इसके लिए नियमित कक्षाओं के अलावा स्मार्ट पीरियड शुरू किए जाएं। बच्चों को शारीरिक शिक्षा तथा सामाजिक कार्यों से भी जोड़ा जाए। शिक्षक और छात्र शाला की साफ-सफाई में भागीदारी सुनिश्चित करें।संभागायुक्त आज उच्च शिक्षा, शालेय शिक्षा, आदिवासी कल्याण, योजना एवं सांख्यिकी, नगरीय कल्याण, चिकित्सा शिक्षा आदि विभागों में पहले से चल रहे कार्यों में प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। संभागायुक्त ने पूर्व की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के छात्रावास के संबंध में दिए गए निर्देशों के पालन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के ऐसे सभी छात्रावास जो कि वर्तमान में उपयोग में नहीं लाए जा सके हैं। उन्हें आदिवासी विकास विभाग और शालेय शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों के लिए उपयोग में लाया जाए। बैठक में सीबीएसई और एमपी बोर्ड पाठ्यक्रम की निजी शालाओं के शिक्षण शुल्क, पाठ्यपुस्तक, गणवेश आदि के संबंध में चल रही जांच में प्रगति की जानकारी संभागायुक्त द्वारा ली गई। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर्स नियमानुसार कार्रवाई करें। बैठक में नगरीय कल्याण विभाग के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में सुगम पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। नगरीय कल्याण विभाग के अन्तर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए अगले माह विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक भी बुलाई जाएगी।सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत दिव्यांग नागरिकों को प्रदाय की जा रही सुविधाओं को बेहतर रखने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने विक्टोरिया जिला चिकित्सालय में दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग प्रदाय, वृद्धाश्रम का संचालन आदि बिंदुओं पर जानकारी ली। मेडिकल कालेज अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों में प्रगति की जानकारी ली गई। मरीजों के लिए दवा वितरण व्यवस्था को सहज, सरल तथा मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए गए।
शेयर करें: