गिदुरहा समूह का नया कारनामा, बच्चों व गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार में कर रहा चोरी,देखें वीडियो

जबलपुर :सरकार द्वारा राज्य से कुपोषण हटाने बच्चों को पोषण आहार दिया जाता है ,जिसको वितरण करने की जिम्मेदारी या तो समूहों की होती है या फिर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की लेकिन सिहोरा जनपद की ग्राम गिदुरहा की आंगनवाड़ी में बच्चों व गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार में चोरी की जा रही है ,

सरपँच विनोद पटेल ने समूह पर आरोप लगाते हुए बताया की बच्चों व गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा एक नियत पोषण आहार देने का नियम है,जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को 8.40 ग्राम और बच्चों को 3.40 ग्राम पोषण आहार देना होता है ,लेकिन यहाँ पर गिदुरहा महिला स्वसहायता समूह द्वारा महिलाओं को 7.90 ग्राम व बच्चों को कुल 300 ग्राम ही पोषण आहार दिया जा रहा है ,बाकी के पोषण आहार की स्वसहायता समूह द्वारा चोरी की जा रही है ,हलाकि इस स्वसहायता समूह का ये पहला कारनामा नहीं है इसके पहले कुछ महीनों पूर्व समूह द्वारा बच्चों को खराब खाना दिया गया था जिसे खाकर कई बच्चों की तबियत खराब हो गई थी ,लेकिन अधिकारी अभी भी इस समूह पर अपनी कृपा बरसा रहे है ,

शक्कर में भी गोलमाल

वहीं समूह पर यह भी आरोप है की इसके द्वारा बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार में शक्कर की मात्रा भी उचित नहीँ मिलाई जा रही है ,बच्चों को दिए जाने वाले लड्डू समूह खुद खा जाता है ,एक तो आहार की मात्रा में चोरी और दूसरा शक्कर मिलाने में कमी कहीँ न कहीँ ये दर्शाता है की समूह द्वारा पिछली गलती से कोई सबख नहीं लिया गया ,सूत्र तो यह भी बताते है की महिला बाल विकाश अधिकारियों के सरंक्षण में इस समूह संचालक द्वारा गड़बड़ी पर गड़बड़ी की जा रहीं है ,जिसके चलते पंचायत द्वारा प्रसासन समूह के खिलाप कार्यवाही की मांग की गई

मिट्टी तेल मिला वितरण किया था मध्यान्ह भोजन

वहीं कुछ महीने पूर्व ही इसी मध्यान्ह भोजन का खाना खाकर बच्चों को उल्टियां होने लगीं थी और बच्चे बीमार हो गए जिन्हें इलाज के लिए ग्राम सरपंच विनोद पटेल की मदद से सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया था ,मझगवां संकुल के प्राथमिक शाला आमाडोंगरी स्कूल में बच्चों को परोसे गए मध्यान्ह भोजन में मिट्टी तेल मिला होने से बच्चों की भोजन करने के बाद तबियत खराब हो गई थी सभी बच्चे उल्टियां करने लगे थे जानकारी लगते ही भारी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुँच गए और ग्राम सरपंच विनोद पटेल को सूचना दी जिसके बाद बच्चों को सरपंच की मदद से शासकीय अस्पताल मझगवां ले जाकर सभी बच्चों का इलाज करवाया गया था तब कहीँ जाकर बच्चों की तबियत में सुधार हो सका था ,लेकिन इसके बाद भी समूह नहीं सुधरा जिसके पीछे कहीँ न कहीँ समूह के खिलाप प्रसासन द्वारा कड़ी कार्यवाही न करना है ,

शेयर करें: