खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध नियमित रूप से प्रभावी कार्यवाही की जाए – मुख्य सचिव श्री मोहंती

0

जबलपुर में संभाग स्तरीय बैठक सम्पन्न

जबलपुर :मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी मानव जीवन और स्वास्थ्य के प्रति जघन्य अपराध से कम नहीं है। मध्यप्रदेश को मिलावट मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध नियमित रूप से प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव श्री मोहंती ने यह निर्देश शुक्रवार को जबलपुर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में संभागीय समीक्षा के दौरान दिए। मुख्य सचिव श्री मोहंती ने आरसीएमएस में दर्ज राजस्व प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल में पेयजल का संकट उत्पन्न नहीं हो इसकी कार्ययोजना अभी से तैयार करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, गृह श्री के.के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह श्री एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल, प्रमुख आयुक्त राजस्व जीव्ही रश्मि, कलेक्टर जबलपुर श्री भरत यादव सहित सभी जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण, पीएचई तथा विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने कलेक्टरों से उनके जिले में वर्षा और अतिवृष्टि राहत तथा फसलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आपदा प्रबंधन के पूर्व किए गए उपायों से अतिवृष्टि और बाढ़ से ज्यादा क्षति नहीं हुई है। सीजन में प्रदेश में अच्छी बरसात होने से फसलों का उत्पादन भी भरपूर होना संभावित है। सभी कलेक्टर खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीदी की आवश्यक तैयारियां अभी से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि खरीफ और रबी की समर्थन मूल्य पर खरीदी में निर्धारित गुणवत्ता की ही फसल खरीदी जाए। किसी भी स्थिति में नान एफएक्यू जिन्स की खरीदी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि भण्डारण और गोदाम की व्यवस्था के लिए इजरायली यूनिट ककून भी स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने आरसीएमएस पर दर्ज राजस्व प्रकरणों के जिलेवार पंजीयन और निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों का निराकरण अभियान चलाकर करंे और इनमें लम्बी-लम्बी पेशियां नहीं दें। प्रयास करें कि आगामी 3 माह के भीतर पंजीकृत होने वाले राजस्व प्रकरणों की तुलना में अधिकाधिक संख्या में प्रतिमाह निराकरण भी दर्ज हो। उन्होने जिलेवार खरीफ फसलों की बोनी, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण तथा रबी फसल के लिये अग्रिम खाद भण्डारण के बारे में भी जानकारी ली।मुख्य सचिव श्री मोहन्ती ने कहा विगत माहों में खाद्य पेय पदार्थों एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावटखोरी के विरुद्व सभी जिलों में अच्छी कार्यवाहियां हुई हैं। प्रदेश को मिलावट मुक्त प्रदेश बनाने और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लायें। उन्होने कहा कि यह कार्यवाही त्यौहार के मौसम में ही नहीं बल्कि सतत् रुप से चलनी चाहिये। मुख्य सचिव ने बताया कि भोपाल सहित सभी जिलों में खाद्य अपमिश्रण की जांच के लिये लैब स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं।मुख्य सचिव ने वनाधिकार के पट्टों के विभिन्न जिलों में अमान्य दावे और शासन के निर्देशानुसार अमान्य दावों के ऑनलाईन पुर्नसत्यापन कार्य की जानकारी लेते हुये कहा कि वनाधिकार पत्र का कोई भी पात्र हितग्राही अपने अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिये। वनमित्र सॉफ्टवेर द्वारा अमान्य दावों के सत्यापन और हितग्राहियों के दावे के साक्ष्य के लिये संबंधित क्षेत्र और ग्राम सभाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाये। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सीएम मॉनिट के प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा करते हुये इनका निराकरण समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस मौके पर बताया गया कि संभाग के सभी जिलों में कुल 1572 प्रकरण थे, जिनमें 1266 का निराकरण कर लिया गया है, 306 प्रकरण शेष हैं। मुख्य सचिव श्री मोहन्ती ने ग्रमाीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा में कहा कि जिन स्थानों पर ग्रीष्मकाल में पेयजल परिवहन या पेयजल संकट हो, उन स्थानों के लिये अभी से वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार कर रखें। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे लगातार क्षेत्र भ्रमण करें और समस्याओं का मौके पर निदान करने के प्रयास करें। आगामी माह में पड़ रहे त्यौहार के मद्धेनजर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समन्वित रुप से कानून और व्यवस्था की स्थिति को मजबूत रखें। इसके साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपना इन्फॉरमेशन नेटवर्क भी मजबूत बनाये रखें।
महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों और पोषण अभियान की जानकारी लेते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि शासकीय भवनों के अलावा किराये के भवनों में चल रही आंगनबाड़ी केन्द्रों को उस स्थान पर दूसरे विभागों के रिक्त और अनुपयोगी पड़े भवनों में स्थानांतरित कर संचालित किया जाये। मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी ली। उन्होने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन पर सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये। संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर छिंदवाड़ा डॉ0 निवास शर्मा, कटनी शशिभूषण सिंह, बालाघाट दीपक आर्य, नरसिंहपुर दीपक सक्सेना, मण्डला जगदीश चन्द्र जटिया, डिंडौरी बी0 कार्तिकेयन, अतिरिक्त कमिश्नर आर0पी0एस0 जादौन भी उपस्थित थे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x