कलेक्टर ने दिये धान उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में निर्देश

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खरीदी व्यवस्था में न रहे कोई कमी
वास्तविक किसानों से किया जाये धान का उपार्जन
दस हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि वाले किसानों के पंजीयन का पुन: सत्यापन करें

जबलपुर :जिले में 25 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्टर श्री भरत यादव ने आज उपार्जन व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें खरीदी प्रारंभ होने के पहले उपार्जन केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं । श्री यादव ने बैठक में कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए । सभी केन्द्रों पर तौल मशीनें, सिलाई मशीनें, माइश्चर मीटर, छन्ना-पंखे जैसी व्यवस्थायें खरीदी प्रारंभ होने के पहले ही सुनिश्चित कर ली जायें ।कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों पर तय मापदण्डों के अनुसार ही धान की खरीदी होनी चाहिए । इसमें हर हाल में सख्ती बरतनी होगी । उन्होंने वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी करने के निर्देश देते हुए कहा कि बिचौलिये इस व्यवस्था का अनुचित लाभ न उठा पायें इसके लिए पुख्ता व्यवस्था कर ली जाये ।
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 25 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी प्रारंभ होगी । इसके पहले ऐसे सभी पंजीकृत किसानों का राजस्व अधिकारियों के माध्यम से पुन: सत्यापन करा लिया जाय जिन्होंने दस हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की बोवनी का उल्लेख पंजीयन में किया है । श्री यादव ने कहा कि उपार्जन के लिए दस हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि वाले पंजीकृत किसानों के पुर्न सत्यापन से वास्तविक किसानों को लाभ होगा तथा बिचौलिये या व्यापारी इस व्यवस्था का अनुचित फायदा नहीं उठा पायेंगे ।श्री यादव ने बारदानों की उपलब्धता की जानकारी भी बैठक में ली । उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्रों पर किसानों से तुलाई, ढुलाई, परिवहन अथवा भण्डारण के नाम पर किसी तरह की वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । उन्होंने साफ-साफ कहा कि किसानों से पैसा मांगने की शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही की जायेगी और दोषी लोगों के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी । श्री यादव ने कहा कि खरीदी केन्द्रों पर किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो इसका भी ध्यान उपार्जन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को रखना होगा ।कलेक्टर ने बैठक में किसानों से धान के उपार्जन में अनियमितता करने अथवा निर्धारित वजन से अधिक तौल करने वाली समितियों पर भी कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं । उन्होंने शासन के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर किसानों से धान के उपार्जन के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत संस्थाओं को भी खरीदी की जिम्मेदारी दी जाये । श्री यादव ने ऐसी उपयुक्त संस्थाओं को चिन्हित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये ।
श्री यादव ने बैठक में धान, गेहूं और दलहनी फसलों के किसानों को बकाया भुगतान की दिशा में अभी तक की प्रगति का ब्यौरा भी लिया । उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों का बकाया राशि का भुगतान तीन-चार दिनों के भीतर कर लिया जाये । उन्होंने कहा कि यदि पूर्व में हुई खरीदी का किसानों को शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही होगी ।
कलेक्टर ने बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता पर्ची धारी परिवारों के सर्वे के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा भी बैठक में की । उन्होंने कहा कि सर्वे के लिए गठित दलों को प्रशिक्षण में साफ तौर पर बता दिया जाये कि उन्हें पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सर्वे करना होगा । श्री यादव ने कहा कि सर्वे दलों को यह भी स्पष्ट कर दिया जाना चाहिए कि बाद में शिकायतें मिलने, गड़बड़ी पाये जाने पर उन्हें इसके लिए जिम्मेदार माना जायेगा । उन्होंने सर्वे दल में शामिल किये गये सचिवों एवं रोजगार सहायकों को आवश्यकता महसूस होने पर उनके पदस्थापना वाले क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में तैनात करने के निर्देश भी दिये । बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एच.एन. खान, विपणन अधिकारी विवेक तिवारी तथा सहकारिता, भण्डार गृह निगम, को-आपरेटिव बैंक के अधिकारी भी मौजूद थे ।

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ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा
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