ओशो महोत्सव में होंगे ध्यान, गीत-संगीत, परिचर्चा और व्याख्यान के कार्यक्रम

जबलपुर : राज्य शासन के आध्यात्मक विभाग द्वारा जबलपुर में आयोजित किये जा रहे तीन दिवसीय ओशो महोत्सव में आचार्य रजनीश के विचारों पर केन्द्रित गोष्ठियों, परिचर्चाओं के साथ गीत-संगीत, कवि सम्मेलन एवं फिल्म प्रदर्शन के कार्यक्रम भी होंगे । राष्ट्रीय स्तर के ओशो महोत्सव का आयोजन आध्यात्म विभाग द्वारा जिला प्रशासन एवं जबलपुर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के सहयोग से रामपुर स्थित तरंग प्रेक्षागृह में 11, 12 एवं 13 दिसंबर को किया जायेगा । ओशो अनहद कम्यून भोपाल एवं ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन पुणे की संयोजना में होने वाले ओशो महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में ओशो भक्त तथा प्रख्यात फिल्मकार, गीतकार, कथाकार, कहानीकार, साहित्यकार, कवि एवं संगीतकार शामिल हो रहे हैं । ज्ञात हो कि जबलपुर ओशो के नाम से सुपरिचित आचार्य रजनीश की कर्मभूमि रही है । ओशो महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन में पहले दिन 11 दिसंबर के कार्यक्रमों की शुरूआत माँ प्रेम पूर्णिमा के मार्गदर्शन में चक्र ध्यान से कार्यक्रम शुरू होगा इसके बाद ओशो की देशना पर श्री कमल दीक्षित (संपादक एवम प्रोफेसर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय) श्री कृष्ण वेदांत (लंदन) का व्याख्यान होगा।युवाओं में स्पर्धा एवम महत्वाकांक्षा विषय पर व्याख्यान एवम परिचर्चा में श्री कपिल तिवारी, श्री ध्रुव शुक्ल, श्री मुकेश नायक, श्री मनोज श्रीवास्तव सम्मिलित होंगे । माँ अमृत साधना ओशो इंटरनेशनल पुणे द्वारा हसीबा खेलिबा करिबा ध्यानम के तहत जीवन उपयोगी अस्तित्व की ऊर्जा के ध्यान प्रयोग कराए जाएंगे । इनके पश्चात कुंडलिनी ध्यान होगा। शाम को सांस्कृतिक संध्या में प्रख्यात ड्रमर शिवमणि द्वारा वादन किया जाएगा तथा देर रात कवि सम्मेलन में भी देश के नामचीन कवि जैसे सुरेंद्र शर्मा, श्री अरुण जैमिनी, श्री अशकरन अटल, सुश्री सीता सागर, श्री प्रवीण शुक्ला अपनी रचनाओं से लोगो को आनंदित करेंगे ।ओशो महोत्सव के दूसरे दिन 12 दिसंबर के कार्यक्रमों की शुरुआत सक्रिय ध्यान से होगी जो स्वामी अनादि अनंत अमृत धाम आश्रम जबलपुर के मार्गदर्शन में होगा इसके बाद श्री अशोक चतुर्वेदी पूर्व सचिव विधानसभा मां साधना ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन पुणे का व्याख्यान आयोजित होगा । ध्यान क्या और क्यों इस विषय पर सुश्री सीमा कपूर लेखिका द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा । ओशो अनहद कम्यून भोपाल की ओर से मां प्रेम पूर्णिमा साहित्यकार एवं कथाकार श्री कमलेश पांडे द्वारा इसी क्रम में ध्यान पर व्याख्यान दिए जाएंगे । मैं धार्मिकता सिखाता हूं धर्म नहीं, इस विषय पर श्री शशांक शेखर महाधिवक्ता मध्यप्रदेश श्री नरेंद्र पाल सिंह रूपराह वरिष्ठ अधिवक्ता जबलपुर, श्री सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी प्रोफेसर नूतन कॉलेज भोपाल व्याख्यान एवं परिचर्चा में भाग लेंगे । अगले महत्वपूर्ण चरण में श्री सुभाष घई फिल्म निर्माता एवं निर्देशक की अध्यक्षता में ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन पुणे द्वारा ओशो की अनदेखी फिल्मों का फेस्टिवल किया जाएगा । रात्रि में प्रसिद्ध सूफी गायिका रेखा भारद्वाज द्वारा सूफी गायन की प्रस्तुति की जाएगी ।
ओशो महोत्सव के समापन दिवस पर 13 दिसंबर के कार्यक्रम की शुरूआत नो डायमेंशन ध्यान से होगी जो मां प्रेम गतिता ओशो अनहद कम्यून भोपाल के मार्गदर्शन में होगा । इसके बाद व्याख्यान के क्रम में श्री मनोज श्रीवास्तव श्री विवेक तन्खा राज्यसभा सांसद अपना व्याख्यान शिक्षा का स्वरूप विषय पर देंगे । राजनीति ओशो की नजर से विषय पर श्री कमल दीक्षित वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी प्रोफेसर नूतन कॉलेज भोपाल अपनी बात रखेंगे इसके उपरांत ओशो साहित्य की जानकारी मां अमृत साधना ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन पुणे द्वारा दी जाएगी । इसी क्रम में सत्य की प्यास मन का दर्पण कोर्स ऑफ मैडिटेशन आदि पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा ।
इस तीन दिवसीय आयोजन की श्रंखला में सांस्कृतिक संध्या में कुछ अन्य कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं जिसमें रजनीश राजा चंद्र मोहन नाटक की प्रस्तुति जिसके लेखक श्री देव सिद्धार्थ एवं निर्देशक श्री समर सेनगुप्ता है की प्रस्तुति की जाएगी शास्त्रीय नृत्य में नीलांगी कलन्तरे का नृत्य होगा ।
ओशो महोत्सव के तहत जबलपुर टूरिज्म काउंसिल एवम जिला प्रशासन के सहयोग से 10 दिसंबर शाम 5:30 पर वाइट रोब ब्रदर हुड ध्यान मौलश्री वृक्ष भंवरताल गार्डन में किया जाएगा। इसी प्रकार 14 दिसंबर को प्रात: 8.30 बजे ओशो ट्रेल का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ओशो से संबंधित विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा ।

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