ओजस्वी मार्बल का आम रास्ते पर कब्जा,ब्लास्टिंग से थर्रा जाता है गाँव

जबलपुर कटनी ( अवधेश यादव ) :बहोरीबंद तहसील में नियम विरुद्ध चल रही ओजस्वी मार्वल खदान,मामला बहोरीबंद तहसील अन्तर्गत ग्राम पंचायत खड़रा गौरहा सिहोरा रोड पर संचालित ओजस्वी मार्वल खदान का है जो की जो जे पी अग्रवाल के नाम पर संचालित है आपको बता दें की इस खदान आम रोड पर संचालित है जिससे। रोड में मार्वल का मलमा रोड में बिखरा है ,कुछ ढ़ेर लगें हैं वहीं हजारों फिट की खदान जो मौत को निमंत्रण दे रहीं हैं जिसके बिष्फोट से राहगीरों को अनेकों बार चोटें पूर्व में आ चुकीं हैं ,आम रोड से लगी यह खदान नियम विरुद्ध नहीं है क्या ?

वहीँ आपको बता दें की यह एक ऐसी माइंस है जो की न केवल ग्रामीणों के लिए सरदर्द बनी हुई है बल्कि राहगीरों के लिए भी काल साबित हो सकती है आज हम आपको एक ऐसी माइंस के बारे में बता रहे है जो की जबलपुर कटनी से लगी हुई सीमारेखा पर स्तिथ है जिसकी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के दिल ही नहीं बल्कि घर भी दहल जाते है तो वहीं सिहोरा कुँआ मुख्य सड़क से सटकर इस खदान में माईनिंग की जा रही है जबकि नियमों की मानें तो मुख्य सड़क व ग्राम से एक नियत दूरी पर ही माइंस संचालित की जा सकती है लेकिन यहाँ पर नियम कानून सब माइंस के मालिक की जेब मे है तब इतने धड़ल्ले से नियमों कायदों को जेब मे कैद करके यहाँ पर माइंस चलाई जा रही है हलाकि पूर्व में घुटेही ग्राम के वाशिन्दों ने माइंस से होने वाली ब्लास्टिंग को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया था लेकिन होगा क्या गरीब ग्रामीणों की आवाज उसी ग्राम तक ही सीमित रह गई ऐसे में ग्रामीणों में भय व प्रसासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है क्योंकि इनकी आवाज व इनकी कई वर्षों से जड़ करती जा रही इस भयानक समस्या का हल आज तक नहीँ हो सका

प्रसासन को पता है फिर भी चुप्पी क्यों ?

वहीँ ग्रामीणों का तर्क है की ओजस्वी माइंस द्वारा की जाने वाली ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान की जानकारी प्रसासन को पता होते हुए भी प्रसासन द्वारा आजतक इस समस्या का कोई भी निदान नहीं किया गया जिसके चलते खदान संचालक के हौसले बुलंद है साथ ही अब क्या प्रसासन कोई बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है क्या साथ ही यदि खदान की ब्लास्टिंग से भविष्य में कोई बड़ी घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? ये तमाम तरह के सवाल ग्रामीणों आज ग्रामीणों व राहगीरों के दिलोदिमाक है

सड़क किनारे लगा रखा है पहाड़

वहीं ओजस्वी कंपनी की कहानी यहीं नहीँ रुकती एक तरफ तो लोग इस खदान की ब्लास्टिंग से परेसान है तो वहीं दूसरी तरफ इस खदान द्वारा सड़क किनारे पथ्थरों का पहाड़ जमा किया गया है जो की भविष्य में लोगों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है

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