ओजस्वी की ब्लास्टिंग से आ रहीं खड़रा मंदिर में दरारें

जबलपुर :जबलपुर व कटनी के बॉर्डर बहोरीबंद मार्ग पर स्तिथ सिहोरा थाना क्षेत्र में आने वाले खड़रा देवी के नाम से प्रसिद्ध देवी मंदिर में कुछ समय ओजस्वी की तेज ब्लास्टिंग से मन्दिर के भवनों में दरारें आने लगीं है मंदिर के पुजारी सनद बिलोहा ने बताया की खदान द्वारा पहले धीमी ब्लास्टिंग की जाती थी जिससे मन्दिर में कोई ज्यादा प्रभाव नहीँ पड़ता था लेकिन अब ओजस्वी माइंस द्वारा इतनी तेज ब्लास्टिंग की जाती है की मंदिर की दीवारों में भी दरारें आने लगीं है जगह -जगह से फर्स चटकने लगे है दिवालो में लगे मार्बल उखड़ने को है ऐसे में इस समस्या को लेकर जब मन्दिर के पुजारी द्वारा खदान संचालक से आई दरारों की मरम्मत व पहले जैसी धीमी ब्लास्टिंग के लिए बात की गई तो माइंस संचालक ने हां तो कर दिया लेकिन आज तक मंदिर नहीं आया न ब्लास्टिंग में फर्क पड़ा है आज भी इस तरह से ओजस्वी माइंस की ब्लास्टिंग होती है मानों भूकंप आया गया हो तो वहीँ पैसे और रुतबे की गर्मी से खदान संचालक को अब देवी देवताओं का भी भय नहीँ रह गया तब तो बार-बार मंदिर के पुजारी द्वारा समस्या बताने के बाद खदान के मालिक के कानों में जू तक नहीँ रेंग रही नतीजन ओजस्वी की ब्लास्टिंग से मन्दिर ही नहीँ वहीँ समीप बसे गाँव घुटेही के घरों में भी दरारें आ गईं है

ऐसी माइंस जो की न केवल मंदिर सहित ग्रामीणों के लिए सरदर्द बनी हुई है बल्कि राहगीरों के लिए भी काल साबित हो सकती है आज हम आपको एक ऐसी माइंस के बारे में बता रहे है जो की जबलपुर कटनी से लगी हुई सीमारेखा पर स्तिथ है जिसकी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के दिल ही नहीं बल्कि घर भी दहल जाते है तो वहीं सिहोरा कुँआ मुख्य सड़क से सटकर इस खदान में माईनिंग की जा रही है जबकि नियमों की मानें तो मुख्य सड़क व ग्राम से एक नियत दूरी पर ही माइंस संचालित की जा सकती है लेकिन यहाँ पर नियम कानून सब माइंस के मालिक की जेब मे है तब इतने धड़ल्ले से नियमों कायदों को जेब मे कैद करके यहाँ पर माइंस चलाई जा रही है हलाकि पूर्व में घुटेही ग्राम के वाशिन्दों ने माइंस से होने वाली ब्लास्टिंग को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया था लेकिन होगा क्या गरीब ग्रामीणों की आवाज उसी ग्राम तक ही सीमित रह गई ऐसे में ग्रामीणों में भय व प्रसासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है क्योंकि इनकी आवाज व इनकी कई वर्षों से जड़ करती जा रही इस भयानक समस्या का हल आज तक नहीँ हो सका

ऐसी ब्लास्टिंग की ढह गई थी बाउंड्री

वहीं इस माइंस का हाल ही में एक ताजा कारनामा सामने आया है अभी तक तो इस माइंस की ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घरों में ही दरारें आईं थी लेकिन हाल ही में माइंस की ब्लास्टिंग से कंपनी द्वारा सड़क किनारे बनाई गई बाउंड्री ही ढह गई अचरज की बात यह है की इस बाउंड्री से ही सटकर आम रास्ता लगा हुआ है जो की सिहोरा को कुँआ व बहोरीबंद से जोड़ता है उसमें से प्रतिदिन सेकड़ो की तादात में राहगीरों का आवागमन होता है यदि किसी दिन ब्लास्टिंग के दौरान कोई राहगीर को जान माल का नुकसान होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा

प्रसासन को पता है फिर भी चुप्पी क्यों ?

वहीँ ग्रामीणों का तर्क है की ओजस्वी माइंस द्वारा की जाने वाली ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान की जानकारी प्रसासन को पता होते हुए भी प्रसासन द्वारा आजतक इस समस्या का कोई भी निदान नहीं किया गया जिसके चलते खदान संचालक के हौसले बुलंद है साथ ही अब क्या प्रसासन कोई बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है क्या साथ ही यदि खदान की ब्लास्टिंग से भविष्य में कोई बड़ी घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? ये तमाम तरह के सवाल ग्रामीणों आज ग्रामीणों व राहगीरों के दिलोदिमाक है

सड़क किनारे लगा रखा है पहाड़

वहीं ओजस्वी कंपनी की कहानी यहीं नहीँ रुकती एक तरफ तो लोग इस खदान की ब्लास्टिंग से परेसान है तो वहीं दूसरी तरफ इस खदान द्वारा सड़क किनारे पथ्थरों का पहाड़ जमा किया गया है जो की भविष्य में लोगों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है

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